ऐतिहासिक और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक मेला नौचंदी का रविवार को विधिवत् उद्घाटन मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने किया। शहीद स्मारक गेट पर फीता काटने के बाद उन्होंने नवचंडी मंदिर में पूजा अर्चना की और फिर बाले मियां की मजार पर चादर चढ़ाई। साथ ही मैदान में स्थित महापुरूषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। बाद में गुब्बारे और कबूतर उड़ाकर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।
मंडलायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि नौचंदी मेला करीब 131 वर्ष पुराना है और यह उनका सौभाग्य है कि लगातार तीसरी बार इस मेले के उद्घाटन का अवसर उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि मेरठ व नौचंदी मेला एक-दूसरे के पूरक है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मेले की गरिमा को बनाये रखने के लिए जिला पंचायत व नगर निगम के समन्वय से मेले की भूमि को सुरक्षित कर उसकी बाउंड्री कराएं। साथ ही मेले का एक स्थायी ढांचा भी विकसित किया जाए, ताकि मेले की भूमि का उपयोग करते हुए पूरे वर्ष कोई न कोई आयोजन यहां होता रहे। मेले के आयोजन में स्वच्छता का संदेश भी दिया जाए। एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने मेले के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी।
इस अवसर पर जादूगर बी सम्राट ने प्रस्तुति दी। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समारोह में एसडीएम सदर अरविंद सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शिशुपाल शर्मा, अभियंता जिला पंचायत प्रशांत गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य सुबोध गुर्जर, तनु गुर्जर, डॉ. मनोज अधाना आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
गुटबाजी पूरी तरह उजागर
उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बीच गुटबाजी साफ नजर आयी। कार्यक्रम से भाजपा सदस्यों सहित अध्यक्ष विरोधी तमाम सदस्य गायब रहे। जिसे लेकर तमाम चर्चाएं होती रहीं।
उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पंचायत का पूरा बोर्ड मौजूद नहीं था। ऐसा पहली बार हुआ कि निर्वाचित सदस्यों में से आधा दर्जन भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। जबकि अब से पहले तक पूरा बोर्ड उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल रहा करता था। गुटबाजी इस कदर हावी रही कि कार्यक्रम से सदस्यों ही नहीं भाजपाइयों ने भी पूरी तरह दूरी बनाये रखी। तमाम चर्चाओं के बीच कुछ लोगों ने कहा कि मेला विधिवत रूप से शुरू होने में अभी 20 दिन लगेंगे और यदि इस बीच अविश्वास प्रस्ताव आ गया तो मेला आयोजन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
नहीं आये डॉ. संजीव बालियान
मेला उद्घाटन के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान को मुख्य अतिथि बनाया गया था। उनके नाम के निमंत्रण पत्र भी बांटे गए। लेकिन डॉ. बालियान उद्घाटन करने नहीं आये। सूत्रों की मानें तो डॉ. बालियान से मेला उद्घाटन में मुख्य अतिथि के रूप में आने को लेकर कोई अनुमति लेना तो दूर बात तक नहीं हुई, तो ऐसे में वह कैसे आते।