फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ: कब्रिस्तान में शव दफनाने के विवाद में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, आठ घायल

Wed, 04 May 2022 02:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
विज्ञापन
संघर्ष में घायल युवक - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मेरठ के मवाना में मखदूमपुर रोड पर कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और पथराव भी हुआ। इसमें आठ लोग घायल हो गए। बाद में पहुंची पुलिस ने लाठी फटकारकर भीड़ को खदेड़ा। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती करा दिया है। तनाव को देखते एक कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं, शव को किशनपुर बिराना रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।
विज्ञापन


मोहल्ला तिहाई निवासी सैफी समाज के जमालुद्दीन (80 ) का मंगलवार को इंतकाल हो गया। इसके लिए उनके परिवार के लोग कब्रिस्तान में कब्र खोदने के लिए सुबह 10 बजे पहुंचे। आरोप है कि जब ये लोग कब्र खोद रहे थे तो गाड़ा समाज के कुछ लोग आए और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पथराव भी हुआ।
 
विज्ञापन

सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लाठी फटकारकर भीड़ को भगाया। मारपीट और पथराव में सैफी समाज पक्ष से समसुद्दीन, फईमुद्दीन, कैसीन, शौकिन, इरशाद, मीर मोहम्मद और सोनू घायल हुए जबकि गाड़ा समाज पक्ष से शारिक घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया।

सैफी पक्ष के इरफान ने बताया कि भाई जमालुद्दीन की मौत होने पर वह और उनके परिजन कब्र खोदने गए। आरोप है कि हाथों में लाठी-डंडे, सरिये और धारदार हथियार लेकर आए कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कब्र खोदने से मना किया। वहीं दूसरे पक्ष के अफजाल ने तहरीर देकर बताया कि कब्रिस्तान में गाड़ा बिरादरी के लोग ही शव दफनाते आ रहे हैं।

सुबह सैफी बिरादरी के लोग आए और बिना अनुमति शव दफनाने लगे। इसका विरोध किया तो धारधार हथियारों से हमला कर दिया गया। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुछ लोेगाें को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। एहतियात के तौर पर कब्रिस्तान पर एक प्लाटून पीएसी तैनात कर दी है। थाना प्रभारी विष्णु कौशिक का कहना है कि सैफी समाज पक्ष की तहरीर मिली है।

जनवरी में भी हुआ था विवाद
जनवरी माह में भी शव दफनाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। उस दौरान समझौता होने पर शव दफना दिया गया था। साथ ही यह भी तय हुआ था दोनों पक्ष बैठकर मामले को निपटाएंगे, लेकिन यह विवाद अब तक बना हुआ है। पुलिस प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया, इसके चलते यह हालात बने।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें