सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लाठी फटकारकर भीड़ को भगाया। मारपीट और पथराव में सैफी समाज पक्ष से समसुद्दीन, फईमुद्दीन, कैसीन, शौकिन, इरशाद, मीर मोहम्मद और सोनू घायल हुए जबकि गाड़ा समाज पक्ष से शारिक घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया।
सैफी पक्ष के इरफान ने बताया कि भाई जमालुद्दीन की मौत होने पर वह और उनके परिजन कब्र खोदने गए। आरोप है कि हाथों में लाठी-डंडे, सरिये और धारदार हथियार लेकर आए कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कब्र खोदने से मना किया। वहीं दूसरे पक्ष के अफजाल ने तहरीर देकर बताया कि कब्रिस्तान में गाड़ा बिरादरी के लोग ही शव दफनाते आ रहे हैं।
सुबह सैफी बिरादरी के लोग आए और बिना अनुमति शव दफनाने लगे। इसका विरोध किया तो धारधार हथियारों से हमला कर दिया गया। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुछ लोेगाें को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। एहतियात के तौर पर कब्रिस्तान पर एक प्लाटून पीएसी तैनात कर दी है। थाना प्रभारी विष्णु कौशिक का कहना है कि सैफी समाज पक्ष की तहरीर मिली है।
जनवरी में भी हुआ था विवाद
जनवरी माह में भी शव दफनाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। उस दौरान समझौता होने पर शव दफना दिया गया था। साथ ही यह भी तय हुआ था दोनों पक्ष बैठकर मामले को निपटाएंगे, लेकिन यह विवाद अब तक बना हुआ है। पुलिस प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया, इसके चलते यह हालात बने।