जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। बाहरी जनपदों से भी पुलिस अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्याशी समर्थकों की भीड़ और जुलूस को शहर में घुसने से रोकने को जिले की सीमाओं से जुडे़ सात मुख्य प्वाइंटों पर बैरियर लगाए गए हैं। देर रात एसपी सिटी ने बैठक कर सुरक्षा संबधी दिशा निर्देश दिए ।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि चुनाव में ढाई कंपनी पीएसी और आरआरएफ लगाई गई है। चार एएसपी स्तर के अधिकारियों को लगाया गया है। 14 पुलिस क्षेत्राधिकारी और 12 थानाध्यक्षों की ड्यूटी लगी है। इनमें से अधिकांश अधिकारी गाजियाबाद, बागपत और बुलंदशहर और नोएडा से हैं। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट से केवल जिला पंचायत सदस्यों और चुनाव में लगे स्टाफ को ही अंदर जाने दिया जाएगा। बाकी किसी का प्रवेश इस गेट से नहीं होगा। कलेक्ट्रेट परिसर के सभी गेट पर भारी पुलिस बल तैनात होगा। वाहनों की भी चेकिंग होंगी। असलहे लेकर भी कोई कलेक्ट्रेट में नहीं जाएगा। जनप्रतिनिधियों को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
चुनाव के परिणाम भी शाम को ही आने हैं। जिला पंचायत सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों से जुडे़ हैं। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि दावेदार अपने समर्थकों की भीड़ गांवों से ला सकते हैं। लिहाजा पुलिस ने जिले को जोड़ने वाले सभी मार्गों की सीमा पर पुलिस बैरियर लगा दिए हैं। इनमें बागपत , परतापुर, कंकरखेड़ा, शामली, सरधना, मवाना और परतापुर मुख्य हैं। प्रत्येक पर एक एक सीओ और एसओ स्तर के अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। ये लोग ट्रेक्टर ट्राली आदि वाहनों में आने वाली भीड़ को शहर में प्रवेश करने से रोकेंगे।