ब्रेन ट्यूमर से भी पीड़ित था इमरान
परिजनों ने बताया कि इमरान को ब्रेन ट्यूमर था, जिसका इलाज शहर के एक निजी चिकित्सक से चल रहा था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए तीन लाख रुपये की मांग की थी। आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण परिजनों ने उसे 26 अप्रैल को मेडिकल अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
कोरोना से जीता, लेकिन ब्रेन ट्यूमर से हारा
ब्रेन ट्यूमर का इलाज कराने के लिए भर्ती कराए गए इमरान की मेडिकल कॉलेज में कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उपचार के दौरान उसने कोरोना से जंग जीत ली थी। यह खुलासा उसकी रिपोर्ट से हुआ। 10 मई को मौत होने के बाद दिल्ली में 11 मई को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे साफ है कि वह कोरोना से जीत गया, लेकिन ब्रेन ट्यूमर से नहीं जीत सका। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वे उसे लेकर मेरठ आ गए हैं।
नोडल अधिकारी को किया मेल
इमरान मौत मामले में स्टेट सर्विलांस ऑफिसर को मेल किया गया है। उनसे पूछा गया है कि लोकनायक अस्पताल ने मेरठ स्वास्थ्य विभाग को सूचना क्यों नहीं दी। अभी जवाब नहीं आया है। फिलहाल इमरान कोरोना मरीजों की सूची में ही है। कोरोना होने पर ही उसका इलाज शुरू हुआ था। हालांकि उसकी मौत का कारण ब्रेन ट्यूमर बताया जा रहा है। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव बताई जा रही है। डेथ ऑडिट में उसका नाम कोरोना मरीजों की सूची से निकाल दिया जाएगा।
- डॉ. राजकुमार, सीएमओ
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/