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गोवंशों का सुधार करें और गोशाला को बनाए मॉडल: वैभव श्रीवास्तव

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गोवंश के संबंध में विकास भवन सभागार में जनपद के अधिकारियों की बैठक लेते नोडल अधिकारी वैभव श्रीव
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मेरठ। विकास भवन सभागार में प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं नोडल अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मंगलवार को प्रशासन, पशुपालन, नगर निगम के अफसरों के साथ बैठक की। उसमें गोवंशों का सुधार करने और गोशाला को मॉडल बनाने की बात अधिकारियों से कही। उन्होंने खुले में घूमते लावारिस पशु न सिर्फ सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं बल्कि उनकी बदहाल स्थिति पर शासन ने भी गंभीर चिंता जताई है।
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नोडल अधिकारी की बैठक में डीएम डॉ. वीके सिंह, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, सीडीओ नूपुर गोयल समेत मंडल के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। नोडल अधिकारी ने कहा है कि गो-आश्रय स्थल में संरक्षित सभी गोवंश की टैगिंग कराई जाए। साथ ही प्रत्येक गोशाला को मॉडल गोशाला में बदलने की दिशा में काम किया जाए, ताकि न केवल पशुओं की देखभाल बेहतर हो, बल्कि गोमय उत्पादों और गोबर-गोमूत्र से बनी वस्तुओं को बढ़ावा देकर गोशालाएं आत्मनिर्भर हो सकें। नोडल अधिकारी ने सुझाव दिया कि मॉडल गोशालाओं में टीन शेड पर्याप्त संख्या में हों। पीने का साफ पानी और पौष्टिक चारा गोवंशों को दें। गोशाला में पर्याप्त केयर टेकर हों, उन्हें ट्रेनिंग दी जाए और नियमित सफाई व गर्मी-सर्दी से बचाव की व्यवस्था हो।
इसके अलावा गोबर के गैस प्लांट, गोमूत्र के औषधीय उपयोग का प्रचार, गोबर के लट्ठे व पेंट निर्माण जैसी योजनाओं पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के बाहर बोर्ड पर प्रभारी, चिकित्साधिकारी और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर अंकित हों, ताकि जवाबदेही तय हो सके। उसके बाद नोडल अधिकारी ने खरखौदा के धीरखेड़ा व रजपुरा के हसनपुर कदीम स्थित अस्थाई गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। धीरखेड़ा गोशाला में 119 और हसनपुर कदीम में 64 गोवंश संरक्षित मिले। भूसा, हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था, साफ-सफाई व सुरक्षा व्यवस्था को नोडल अधिकारी ने गोपूजन किया।
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