मेरठ। आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण करने में नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग सबसे फिसड्डी रहा। असंतोषजनक 158 फीडबैक में से 85 शिकायतें स्वास्थ्य विभाग की बताई गई हैं। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम, संपत्ति प्रभारी भोलानाथ गौतम और सफाई निरीक्षकों सहित कई कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी नगर आयुक्त ने जारी किया है।
घंटाघर स्थित टाउन हॉल में मंगलवार को नगर आयुक्त ने निगम के विभागवार शिकायतों की समीक्षा की और निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों और कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि हाल ही में निगम से जुड़े 158 फीडबैक असंतोषजनक पाए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 85 स्वास्थ्य विभाग से संबंधित हैं।
इसके अलावा मार्ग प्रकाश, गृहकर, संपत्ति, जलकल विभाग की शिकायतें भी संतोषजनक ढंग से निपटाई नहीं गईं। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता दर्शन में आईं शिकायतों का निस्तारण कराएं। इसके साथ ही आईजीआरएस प्रकरण की भी खुद रैंडम जांच करें और शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात कर पुष्टि करें। हर मंगलवार दोपहर 1:00 बजे निगम सभागार या टाउनहॉल में नगर आयुक्त विभाग के कार्यों की समीक्षा करें। सही निस्तारण न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के साथ वरिष्ठ प्रभारी को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बैठक में तीनों अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी सहित सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मार्ग प्रकाश विभाग पर कार्रवाई
शहर में अंधेरे में डूबा हैं। दिन में स्ट्रीट लाइट जल रहीं हैं व लिपिकों द्वारा आईजीआरएस में आने वाली शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने शास्त्रीनगर, कंकरखेड़ा और मुख्यालय तीनों जोनों में तैनात लिपिकों द्वारा शिकायतों का सही निस्तारण न करने पर उनका एक दिन का वेतन काटने और वरिष्ठ प्रभारी मार्ग प्रकाश लवी त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
गृहकर विभाग में लापरवाही
गृहकर की वसूली में निगम फिसड्डी है। जीआईएस सर्वे के आधार पर नए गृहकर के बिल पर आ रही आपत्ति का निस्तारण करने में गृहकर विभाग फिसड्डी हैं। राजस्व निरीक्षक व कर निरीक्षक ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी द्वारा भी जांच किए बिना सूचना अपलोड करा दी गई। इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम का एक दिन का वेतन काटने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
दो को कारण बताओ नोटिस
निगम की शहर में काफी संपत्ति है। इसको निगम का संपत्ति विभाग चिह्नित नहीं कर पाया। संपत्ति विभाग की शिकायतों पर पता चला कि प्रभारी और सहायक प्रभारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क तक नहीं किया। इस पर दोनों को कारण बताओ नोटिस देने का निर्देश अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार को नगर आयुक्त द्वारा दिया गया।