पांडव नगर में नकली सैनिटाइजर की खेप पकड़ी
मेरठ। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही नकली सैनिटाइजर की सप्लाई का खेल शुरू हो गया है। एक युवक ने पांडव नगर की एजेंसी पर नकली सैनिटाइजर की 41 केन सप्लाई कर दी। बिल मांगने पर आनाकानी की तो दुकानदार को शक हुआ। शिकायत पर आबकारी विभाग ने जांच की तो खेल खुल गया। गाजियाबाद की जिस कंपनी के नाम से सैनिटाइजर सप्लाई किया गया था, वह अस्तित्व में ही नहीं है।
पांडव नगर में अंशुमान शर्मा सैनिटाइजर, मास्क और ग्लव्स की एजेंसी चलाते हैं। शुक्रवार सुबह अंशुमान के पास पहुंचे अनस नाम के युवक ने खुद को गाजियाबाद की सैनिटाइजर कंपनी का कर्मचारी बताया। सैनिटाइजर की केन सस्ते दाम में उपलब्ध कराने की बात कही। इस पर दुकानदार ने 80 केन का ऑर्डर दे दिया। कुछ ही घंटे बाद अनस 41 केन लेकर पहुंच गया। अंशुमान ने 18 हजार रुपये का भुगतान कर बिल मांगा। दूसरी खेप की सप्लाई पर बिल का आश्वासन देकर अनस चला गया।
कुछ देर बाद अंशुमान शर्मा ने अनस के फोन पर संपर्क किया और बिल याद दिलाया। लेकिन उसने बिल लाने से इंकार कर फोन काट दिया। शक होने पर अंशुमान ने जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार की प्रकरण की जानकारी दी। उन्होंने इंस्पेक्टर राजेश कुमार चौबे से सैनिटाइजर की जांच कराई तो पता चला कि वह मानक के अनुरूप ही नहीं है। अनस के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी और 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। आबकारी विभाग ने केन कब्जे में ले ली है। नियमानुसार सैनिटाइजर में 70 प्रतिशत वीवी अल्कोहल होना चाहिए, लेकिन जांच में केवल 42 प्रतिशत स्ट्रैंथ सामने आई।