चुनाव तक कई जिलों तक सप्लाई हो जाते अवैध हथियार
मेरठ। रेलवे रोड और लिसाड़ीगेट क्षेत्र में अवैध हथियारों की फैक्टरी के खुलासे ने पुलिस की बड़ी चूक भी उजागर की है। शहर के बीच ही अवैध हथियार बनाए जाते रहे, लेकिन पुलिस को काफी देर से भनक लगी। ज्यादातर हथियार देहात के इलाकों में भेजे जाने थे। गनीमत रही कि इन ठिकानों का पता चल गया, नहीं तो मेरठ, गाजियाबाद से लेकर अन्य कई जिलों तक अवैध हथियारों की बड़ी खेप पहुंच जाती। हथियार तस्करों की सक्रियता को देखते हुए चुनाव के दौरान खूनखराबे की आशंका के मद्देनजर भी अब पुलिस अलर्ट हुई है। हैरानी की बात यह रही कि जेल जाने के बावजूद तस्करों ने यह धंधा नहीं छोड़ा। तस्कर ठिकाने बदलते रहे और हथियार बनाते रहे।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि रेलवे रोड क्षेत्र के मछेरान में खंडहर मकान में हथियार तैयार किए जा रहे थे। आरोपियों ने यह इलाका इसलिए चुना ताकि गतिविधियाें का अधिक पता न चले। इसी तरह लिसाड़ीगेट के शौकीन गार्डन वाला क्षेत्र भी काफी सुनसान है। इसलिए पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया है कि ऐसे क्षेत्राें में भी गश्त बढ़ाई जाए।
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15 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया सगीर
एएसपी सूरज राय ने बताया कि मुख्य आरोपी सगीर 15 दिन पहले ही कासना जेल से छूटकर आया है। कुछ दिन पहले उसे अवैध हथियार बनाने के मामले में जेल भेजा गया था। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से अवैध हथियारों के काम में लिप्त हो गया। एएसपी ने बताया कि आरोपी ने मेरठ से ठिकाना बदलकर कैला भट्टा कोतवाली गाजियाबाद कर लिया। इसके साथ ही दिल्ली में भी उसने कई अपने ठिकाने बना लिए हैं। वह दिल्ली, हरियाणा सहित कई जगह हथियारों की तस्करी किया करता था।
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शौकीन गार्डन में एक साल से बना रहे थे हथियार
- लिसाड़ीगेट पुलिस के शौकीन गार्डन में राशिद निवासी मोहम्मद नगर ब्रह्मपुरी और सलमान निवासी काशी राम कालोनी खरखौदा सहित अन्य लोग एक साल से हथियार बना रहे थे। इन हथियारों की सप्लाई मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, दिल्ली समेत कई जगह पर की जा रही थी। फरार आरोपी बिलाल का भाई आस मोहम्मद भी यही काम करता था। वह कुछ दिन पहले लिसाड़ीगेट थाने से जेल जा चुका है।