संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। क्षेत्र में हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण नदी का पानी खेतों में फैल गया है। जिससे सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।
खेतों में खड़ी ईख, चारे और अन्य मौसमी फसलें पानी में डूबने लगी हैं। यदि जल्द ही पानी का स्तर कम नहीं हुआ तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बढ़ते जलस्तर को लेकर किसान लगातार चिंता में हैं और प्रशासन से राहत दिलाने की मांग कर रहे हैं। हिंडन नदी से सटे गांव बपारसी, पांचाली बुजुर्ग, हर्रा, खिवाई, कलीना समेत आसपास के कई गांवों के खेत पानी में डूब गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी धीरे-धीरे खेतों की ओर बढ़ता जा रहा है और हर दिन जलभराव का दायरा बढ़ रहा है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक फसलें लहलहा रही थीं, वहां अब केवल पानी ही दिखाई दे रहा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने खेती में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च किया है। अब खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण फसल खराब होने लगी है।
किसानों का कहना है कि यदि कुछ दिन यही स्थिति बनी रही तो फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है और फसल खराब होने से आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से जल्द जल निकासी की व्यवस्था कराने और नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि प्रशासन नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जा रहा है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि फसलों को नुकसान होता है तो नियमानुसार सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।