संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद खादर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बारिश थमे तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन खेतों में अब भी पानी भरा होने से हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें जलमग्न हैं। लंबे समय तक पानी भरे रहने से फसलें गलने लगी हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
खादर क्षेत्र के तारापुर, लतीफपुर, दुधली, बस्तोरा नारंग, भीमकुंड, किशनपुर, आदि दर्जनों गांवों के जंगलों में मौजूद किसानों के खेत अभी भी पानी से लबालब भरे हैं। जलभराव के कारण किसान अपने खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई संपर्क मार्ग भी पानी में डूबे होने से आवाजाही प्रभावित है। खेतों में खड़ी फसलों की स्थिति का आकलन करना भी किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक चिंता उन किसानों को है, जिनकी धान, गन्ना की फसल कई दिनों से लगातार पानी में डूबी हुई है।
किसान पंकज चौधरी, महेंद्र सिंह, तारा सिंह और जग्गा सिंह ने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों में उन्होंने ऐसी स्थिति नहीं देखी। उनका कहना है कि बारिश ने क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। जंगलों और खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे फसलें तेजी से खराब हो रही हैं। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो अधिकांश फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है। फसल बर्बाद होने की स्थिति में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कराने, पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की मांग है।
एसडीएम संतोष कुमार का कहना है कि सिंचाई विभाग व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।