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एथलेटिक कोच नहीं, कैसे निकलेंगे मेरठ से नीरज चोपड़ा

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एथलेटिक कोच नहीं, जिले से कैसे निकलेंगे खिलाड़ी
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मेरठ। टोक्यो ओलंपिक एथलेटिक में शनिवार को स्वर्ण पदक जीतने पर देश जश्न में डूबा है, लेकिन जमीनी स्तर पर एथलेटिक खेलों की हालत दयनीय है। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में स्थाई व अस्थाई एथलेटिक कोच की नियुक्ति पिछले डेढ़ साल से नहीं हुई है। ऐसे में मेरठ से भविष्य के नीरज चोपड़ा कैसे निकलेंगे? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
टोक्यो ओलंपिक में मेरठ से 5 खिलाड़ियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। लेकिन सभी खिलाड़ियों ने अपने खेल जुनून के दम पर यहां तक का सफर तय किया। दुर्भाग्य की बात है एथलेटिक खेलों के लिए निजी कोच तो हैं, लेकिन खेल विभाग की ओर से पिछले डेढ़ साल से एथलेटिक कोच ही नहीं है। अन्य खेलों की हालत भी ऐसी ही है।
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कैलाश प्रकाश स्टेडियम में करीब 14 खेल खेले जाते हैं, लेकिन स्टेडियम में क्रिकेट, बाक्सिंग, कुश्ती, स्वीमिंग के चार स्थाई कोच व शूटिंग में एक अस्थाई कोच की तैनाती है। एथलेटिक, बैडमिंटन, जूडो, जिमभनास्टिक, तीरंदाजी, बालीवाल, कबड्डी, फुटबाल सहित अन्य खेलों में कोच नियुक्त ही नहीं है। चार स्थाई कोचों के अलावा अन्य सभी खेलों में अस्थाई कोच नियुक्त होते हैं।
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कोविड के समय में पिछले डेढ़ साल से कोच नहीं हैं। इस सत्र में शूटिंग की एक कोच लखनऊ से भेजी गई, जबकि सिंथेटिक ट्रैक न होने से खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। बरसात के मौसम में कैलाश प्रकाश स्टेडियम के भाला फेंक खिलाड़ी हरियाणा में अभ्यास करने पहुंचे हुए हैं। सभी भाला फेंक खिलाड़ी स्टेडियम में बारिश के कारण पानी भरने के कारण अभ्यास में रुकावट होने के बाद हरियाणा गए हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी गदाधर बारीकी ने कहा एथलेटिक खेलों में खिलाड़ियों ने अच्छा किया, खेल विभाग खेलों का बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
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