माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जागृति विहार में सड़क के बीचों बीच मकान बनकर तैयार हो गया। चहारदीवार पूरी कर लिंटर डालने की तैयारी थी। लोगों के विरोध के बाद रविवार को अवकाश के दिन आवास एवं विकास परिषद की टीम पुलिस के साथ पहुंची और निर्माण रुकवाया। वहीं लोग निर्माण ढहाने पर अड़ गए। काफी देर तक जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने जैसे-तैसे समझाकर शांत कराया।
जागृति विहार में मंशा देवी मंदिर के सामने सेक्टर-6 में नौ मीटर माार्ग है। आरोप है कि अरविंद सैनी की ओर से सड़क पर अवैध कब्जा कर बीचों बीच निर्माण कर लिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि शनिवार से निर्माण कार्य शुरू किया गया और रविवार दोपहर तक सड़क पर ही चहारदीवारी बना दी गई। अब लिंटर डालने की तैयारी थी। सूचना पर आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। निर्माणकर्ता की ओर से अदालत द्वारा चिह्नांकन कराए जाने की दलील दी गई। दावा किया गया कि सड़क पर उनकी जमीन है। इस पर निर्माण किया जा रहा है।
अधिकारियों और पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। कुछ लोग आक्रामक हो गए और मकान गिराने पर अड़ गए। जैसे-तैसे समझाकर शांत कराया गया। अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि अरविंद सैनी की ओर से अदालत के आदेश पर चिह्नांकन का दावा किया गया। एसपी सिंह ने बताया कि विभाग की किसी भी योजना में कोई भी जमीन होती है तो उसके लिए असुधार शुल्क जमा कर नक्शा पास करवाना अनिवार्य होता है। बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराया जा रहा था, जिसे रुकवाया गया। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया है।