मेरठ शासन की सख्ती के बाद भी निजी अस्पतालों की मनमानी जारी है। मनमाने बिल बनाए जा रहे हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों में मरीजों का उपचार कराना मुश्किल हो रहा है। बुधवार को भी एक निजी अस्पताल ने दो दिन का ही बिल 70 हजार रुपये का बना दिया। मरीज की मौत के बाद भी तीमारदारों पर बिल जमा करने का दबाव बनाया गया। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ।
विज्ञापन
हापुड़ रोड निवासी गुलफाम को दो दिन पहले सांस लेने में दिक्कत होने के कारण शास्त्री नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार शाम गुलफाम की मृत्यु हो गई। परिजनों ने शव ले जाने की प्रक्रिया शुरू की तो अस्पताल में 70 हजार रुपये का बिल दिया।
परिजन गुहार लगाते रहे लेकिन अस्पताल ने शव देने से मना कर दिया। बुधवार को युवा सेवा समिति के संस्थापक बदर अली अपने कुछ साथियों के साथ अस्पताल जा पहुंचे और हंगामा कर दिया। काफी देर नोकझोंक होती रही। बाद में 10 हजार रुपये का भुगतान कराकर अस्पताल ने परिजनों को शव सौंप दिया। पुलिस के आने से पहले ही मामला शांत हो गया।