मेरठ। सर्व शिक्षा अधिकारी, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा को मिलाकर बना समग्र शिक्षा अभियान पूर्व प्राथमिक से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्रों के लिए वरदान बन गया है। समग्र शिक्षा के जरिए समाज के वंचित समूहों और कमजोर वर्गों के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इस अभियान के जरिए राजकीय स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है।
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ के उपप्रधानाचार्य प्रशांत चौधरी ने बताया कि समग्र शिक्षा योजना भारत सरकार द्वारा 2018 में शुरू की गई। इस योजना में तीन पूर्ववर्ती योजनाएं जैसे सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) तथा शिक्षक शिक्षा (टीई) शामिल है। यह योजना स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक को कवर करती है। सामाजिक और लैंगिक अंतरों को कम करना तथा सभी बच्चों के लिए समान अवसर प्रदान करना। समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों को प्रशिक्षित कर उनकी क्षमता में वृद्धि की जाती है। स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब अटल टिंकरिंग लैबों की स्थापना कर छात्रों के लिए डिजिटल पहल की जा रही है। पंख पोर्टल कॅरिअर गाइडेंस द्वारा छात्रों को उनकी क्षमताओं और अभिरूचि के अनुसार भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना द्वारा छात्रों में वैज्ञानिक सोच एवं अन्वेषण की भावना को जाग्रत कर व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत आरटीई शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को लागू कर 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है।
जिले के 20 राजकीय स्कूलों में बनी आईसीटी लैब
उप प्रधानाचार्य प्रशांत चौधरी ने बताया कि मेरठ जिले के 20 राजकीय स्कूलों में आईसीटी लैब बन चुकी है, जिनमें तीन हजार छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर ज्ञान दिया जा रहा है। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ व राजकीय कन्या इंटर कॉलेज हापुड़ रोड में अटल टिकरिंग लैब के माध्यम से 3डी प्रिंटिंग के साथ तकनीकी रोबोटिक एवं कोडिंग के ज्ञान से भी 1100 विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।