सुरक्षित होली के लिए पुलिस ने मंगलवार को कमर कसते हुए शहर की सुरक्षा कड़ी कर दी है। सुरक्षा की दृष्टि से शहरी क्षेत्र को पांच जोन में बांटा गया है। जिनमें करीब दो हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। 7ं3 स्थानों पर बैरियर लगाए जा रहे हैं, जो होली पर हुड़दंग मचाने वालों को रोकेंगे। दो ड्रोन कैमरों से पांच किलोमीटर एरिया में निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा दो कंपनी आरएएफ और पांच कंपनी पीएसी अलग से व्यवस्था संभालेगी।
एसपी सिटी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रत्येक जोन में एक प्रशासनिक मजिस्ट्रेट, एक सीओ और तीन प्रभारी रहेंगे, जिनके पास आवश्यक फोर्स रहेगा। शहर में होलिका दहन वाले 715 स्थानों पर एक-एक सिपाही तैनात रहेगा। जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में दरोगा के साथ सिपाही तैनात होगा।
यहां लगेंगे बैरियर
दिल्ली रोड, गढ़ रोड, मवाना रोड, रुड़की रोड, हापुड़ रोड और शहर के प्रमुख स्थानों पर 73 बैरियर लगाकर चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। बाइक सवार युवकों ने शराब के नशे में हुड़दंग या स्टंटबाजी तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
यह लगेगी फोर्स
दो कंपनी आरएएफ, पांच कंपनी पीएसी, 250 सब इंस्पेक्टर, 100 एचसीपी, पांच सौ होमगार्ड्स, 400 आरक्षी, 275 रिक्रूट्स के अलावा संबंधित सीओ और थाना प्रभारी तैनात रहेंगे।
शहर में 28 मोबाइल टीम
शहर के 14 थाना क्षेत्रों में प्रत्येक में दो-दो मोबाइल टीम 12-12 घंटे के अंतराल में गश्त पर रहेंगी। जिसमें प्रत्येक थाना प्रभारी के साथ 10 पुलिसकर्मी, सीओ के साथ दो गाड़ी और एसपी सिटी और एसपी देहात के साथ 30 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस लाइन में क्यूआरटी के अलावा दो मोबाइल टीम अलग से रिजर्व रहेंगी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद उन्हें संबंधित सीओ के साथ मौके पर भेजा जाएगा। वहीं शहर में दस स्थानों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, पांच घुड़सवार दस्ते भी अलग से रहेंगे।
200 सिपाही रंग लगे कपड़ों में
शरारती तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार सुबह से दो सौ सिपाहियों को शहर में उतारा जाएगा। इनके कपड़ों पर रंग लगा होगा तो चेहरे पर गुलाल। ये शहर में घूमेंगे, किसी भी घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को देंगे। इसके अलावा होली की सुरक्षा क ो लेकर दो ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाएगा। एक ड्रोन कैमरा एक किमी की ऊंचाई से 50 मिनट तक हवा में रहकर 4 से 5 किमी दूरी तक नजर रख सकेगा।
आधी रात के बाद नदारद हुई पुलिस
होली से पहले ही मंगलवार आधी रात को शहर की सुरक्षा भगवान भरोसे हो गई। पुलिस अफसरों के आदेशों को ताक पर रखकर चौरहो और मुख्य मार्गो को सुनसान छोड़ दिया गया है। ऐसे में कई सवाल खड़े हो गए। रात में एक बजे दिल्ली रोड सुनसान पड़ी थी। शहर में घंटाघर पर एसपी सिटी का क ार्यालय होने के बाद भी पुलिस नदारद थी। सिपाही से लेकर थानेदार की जीप भी दूर तक नजर नहीं पड़ी। दिल्ली रोड का सबसे मुख्य चौराहा रेलवे रोड का भी यही हाल था।
सबसे पॉश इलाका बेगमपुल पर न तो ट्रैफिक पुलिस का सिपाही मिला और न नही सम्बंधित थाने की पुलिस। बुढ़ाना गेट क ा तो यह हाल था कि पुलिस की जीप खाली खड़ी हुई थी। जीप में ड्राइवर से लेकर थाना पुलिस तक दूर तक नजर नहीं आयी। बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा और गढ़ रोड का भी हाल कुछ ऐसा ही थी।
आधी रात के बाद किसी वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो जाए तो इससे साफ हो सकता है कि पुलिस भी बवाल का इंतजार करा रही है। सोमवार देररात को बदमाशों ने सूरजकुंड जैसे क्षेत्र में मंदिर से चार गाय चोरी कर ली और शहर और देहात की पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस यदि रात में चौराहों पर होती तो शायद सूरजकुंड पर इतना बखेड़ा नहीं होता जितना हिंदू संगठनों के लोगों ने सूरजकुंड पर किया था।