फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Holi 2026: 24 फरवरी से शुरू होगा होलाष्टक, शुभ कार्यों पर रहेगा प्रतिबंध, इस तारीख को होगा होलिका दहन

Fri, 20 Feb 2026 01:31 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। 2 मार्च को प्रदोष काल में होलिका दहन और 4 मार्च को होली खेली जाएगी।

विज्ञापन
braj ki holi - फोटो : instagram
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

होलिका दहन से पहले के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इसकी शुरुआत फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होती है। इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।

विज्ञापन


इस दौरान शुभ कार्यों पर रहता है प्रतिबंध
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार होलाष्टक के दौरान शादी, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इस समय को आध्यात्मिक साधना और संयम के लिए उचित माना गया है।
 

विज्ञापन

2 मार्च को होगा होलिका दहन
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस से जुड़े ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष 2 मार्च को प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाएगा। इसके बाद 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी।

होलाष्टक में ग्रहों का विशेष प्रभाव
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के आठ दिनों में प्रतिदिन एक ग्रह उग्र रूप में रहता है।
अष्टमी – चंद्रमा
नवमी – सूर्य
दशमी – शनि
एकादशी – शुक्र
द्वादशी – गुरु
त्रयोदशी – बुध
चतुर्दशी – मंगल
पूर्णिमा – राहु
मान्यता है कि इस दौरान मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं।

आध्यात्मिक कार्यों पर देना चाहिए ध्यान
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार होलाष्टक के दौरान हवन, यज्ञ और शुभ संस्कार नहीं किए जाते। इस समय पूजा-पाठ, ध्यान और सदाचार का पालन करना लाभकारी माना जाता है। नवविवाहित महिलाओं को इस अवधि में मायके में रहने की भी परंपरा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें