नोट- अन्य केंद्रों हापुड़, बुलंदशहर, बागपत के ध्यानार्थ
डीआईजी ने की ऑपरेशन हिस्ट्रीशीटर की समीक्षा, 6846 अपराधियों का सत्यापन
सभी हिस्ट्रीशीटरों का डाटा यक्ष ऐप में किया गया फीड, नियमित कार्रवाई के निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जून में मेरठ जिले में 13 और जोन के 67 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रेंज के चारों जिलों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में चलाए गए ऑपरेशन हिस्ट्रीशीटर की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कुल 6846 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का सत्यापन किया गया है।
डीआईजी ने बताया कि वर्तमान में रेंज के 773 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं। डीआईजी ने उप निरीक्षक स्तर से हिस्ट्रीशीटरों का नियमित सत्यापन कराने और यक्ष में डाटा फीड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों पर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
मेरठ में 268 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं और 2584 हिस्ट्रीशीटरों का डाटा यक्ष ऐप पर फीड है। बुलंदशहर में 45 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गईं, यहां के 220 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं और 2314 का डाटा फीड किया गया है। बागपत में आठ की हिस्ट्रीशीट खोली गईं। यहां के 184 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं और 1066 का डाटा फीड किया गया है। हापुड़ में एक बदमाश की हिस्ट्रीशीट खोली गई। यहां के 101 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं और 882 का डाटा फीड किया गया है।
सीओ और पुलिस अधीक्षक करें रैंडम चेकिंग
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि सीओ और एसपी स्तर से यक्ष ऐप पर फीड किए जा रहे डाटा की गुणवत्ता की रैंडम चेकिंग की जाए। हिस्ट्रीशीटर के माता-पिता का नाम, उपनाम, पहचान चिह्न, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। अपराधी का नया फोटोग्राफ, पहचान पत्र, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध दस्तावेज ऐप पर अपलोड किए जाएं। उन्होंने कप्तानों को निर्देश दिए कि एडिशनल एसपी को नोडल अधिकारी बनाकर सात या इससे अधिक प्राथमिकी वाले अपराधियों को चिह्नित हिस्ट्रीशीट खोली जाए।
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