10 दिन में खंगाला 29 थानों का रिकॉर्ड
जनपद के 29 थानों में दर्ज अपराधियों का रिकॉर्ड 10 दिन तक खंगाला गया। इसके बाद हिस्ट्रीशीट बनाई गई, जिस पर एसएसपी ने शुक्रवार को मुहर लगा दी। इस सूची में शामिल कई नए हिस्ट्रीशीटर फरार हैं, तो कई जमानत पर बाहर हैं। फरार बदमाशों पर इनाम भी घोषित किया जा रहा है।
कुछ बड़ी वारदातें, जिनमें हिस्ट्रीशीट खोली
- 6 जनवरी 2018 को सिविल लाइन क्षेत्र के मोहनपुरी में पोंटी चड्ढा ग्रुप की शराब कंपनी के कर्मचारियों से 18 लाख रुपये लूटे थे। पुलिस ने लूटकांड में प्रीतम, संदीप निवासी यादगारपुर निवासी सिविल लाइन और निखिल, राहुल निवासी कानपुर को गिरफ्तार किया था। इनकी भी हिस्ट्रीशीट खुली।
- 12 अप्रैल 2018 को किठौर में शकील के घर में बदमाशों ने डकैती डाली थी। इस दौरान शकील की पत्नी रेशमा की हत्या कर दी थी। इस वारदात में शामिल बावरिया गैंग के डकैत फैजान, नाहिद और राजिक निवासी फिरोजपुर, संभल को गिरफ्तार कर लिया। गैंग का मुखिया चंदू फरार है। इन सभी की हिस्ट्रीशीट खोली है।
- 19 जून 2018 को मेरठ के बदमाशों ने दिल्ली के डॉ. श्रीकांत का अपहरण कर पांच करोड़ की फिरौती मांगी थी। वारदात में बदमाश सुशील और उसका भाई अनुज भी शामिल था। पुलिस ने इनके साथियों को पकड़ा और डॉक्टर को बंधनमुक्त कराया। पुलिस ने दोनों भाइयों की हिस्ट्रीशीट खोली।
कुछ नए चेहरे
देहली गेट थानाक्षेत्र के फैज-ए-आम इंटर कॉलेज निवासी बदर अली (युवा सेवा समिति अध्यक्ष), हाजी सईद निवासी महताब थाना सदर बाजार, भाजपा नेता विजय धामा निवासी रामनगर परीक्षितगढ़, कोतवाली क्षेत्र के बनीसराय निवासी शकील उर्फ पिस्टल व शाहिद उर्फ मुन्ना, दिनेश कुमार निवासी ब्रह्मपुरी हैं।
इसके अलावा सलमान उर्फ लालू निवासी लिसाड़ीगेट, रविंद्र निवासी मेडिकल, सुरेंद्र निवासी परतापुर, विशाल कौशिक निवासी कंकरखेड़ा, भगत निवासी कंकरखेड़ा, अजय निवासी मेडिकल, अमित निवासी मेडिकल, शाहरुख निवासी किठौर, वसीम निवासी मुंडाली भी इन 100 अपराधियों में शामिल हैं।
इन 100 अपराधियों में से जो फरार हैं, उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। क्राइम ब्रांच को भी तलाश में लगा दिया है। अपराधियों की जगह जेल में है। - अजय साहनी, एसएसपी