वेस्ट यूपी के सहारनपुर जिले में हुई जातीय हिंसा अभी खत्म भी नहीं हुई कि देर रात मेरठ में भारी बवाल हो गया। जाट और दलितों में कमेंटबाजी को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। मौके पर पुलिसफोर्स तैनात।
मेरठ में परतापुर थाना क्षेत्र के गेझा गांव में रविवार देर रात जाट और दलित पक्ष के दो परिवारों में कमेंटबाजी को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। जिसमें दोनों पक्षों के नौ लोग घायल हो गए। सोमवार शाम जाट पक्ष के घायल युवक की इलाज के दौरान मौत होने के बाद गांव में तनाव फैल गया। दुकानें बंद हो गईं। पुलिस ने दलित पक्ष के दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
पुलिस के अनुसार गांव में जाट बिरादरी के पिंटू पुत्र गजेंद्र और उसके चचेरा भाई मोनू की दलित बिरादरी के ललित और संदीप पुत्र कुंवरपाल के बीच एक दूसरे पर कमेंट करने को लेकर कहासुनी हो गई थी। दोनों पक्षों में गालीगलौज और हाथापाई हुई। कुछ देर बाद ही दोनों पक्षों के लोगों ने लाठी-डंडों और फावड़ों से एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। महिलाएं भी आ गई। खूनी संघर्ष में जाट पक्ष से मोनू, पिंटू, उनके पिता गजेंद्र और बहन पूनम घायल हो गई जबकि दलित पक्ष से संदीप ललित, दीपू, मंजू और कुंवरपाल घायल हुए। सूचना पर परतापुर पुलिस गांव में पहुंची तो दलित पक्ष अपने घायलों को शहर के निजी अस्पताल में ले गया जबकि जाट पक्ष के घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। पिंटू को गंभीर हालत में मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया, जहां सोमवार शाम उसकी मौत हो गई।
मामला मारपीट का था
अस्पताल में घायल युवक
इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा का कहना है कि मामला मारपीट का था, जिसमें दोनों पक्षों से एनसीआर लिखी गई थी। पिंटू की मौत होने पर हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। हत्यारोपी ललित और संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दोनों पक्ष के एक ही आरोप
जाट पक्ष का आरोप है कि पिंटू मोनू अपने घर के बाहर खडे़ थे। वहां से गुजर रहे संदीप, ललित और दीपू ने उन पर भद्दे कमेंट किए। उनकी बहन के प्रति अपशब्द कहे। विरोध करने पर उन पर लाठी-डंडे, फावड़े से हमला किया। वहीं, दलित पक्ष का आरोप था कि पिंटू और मोनू ने उन पर भद्दे कमेंट किए थे। उन्हें जातिसूचक शब्द कहे और हथियारों से हमला कर दिया। बचाव में आई उनकी बहन से भी अभद्रता की गई।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची भीड़
पुलिस ने जब पिंटू का शव पोस्टमार्टम हाउस पर भेजा तो पीड़ित पक्ष के दर्जनों लोग वहां पहुंच गए। किसी भी हंगामे की आशंका देख परतापुर पुलिस वहां पहुुंच गई। सोमवार देर रात पिंटू के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। पुलिस को इस बात की चिंता थी कि पोस्टमार्टम के बाद गांव में शव पहुंचने पर कहीं बखेड़ा ना हो जाए। इसलिए पुलिस ने भारी फोर्स की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराने की तैयारी की है।
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