- अगले दो दिन राहत के आसार नहीं, फसलों पर भी बढ़ने लगा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। जून समाप्त होने को है, लेकिन मानसून की धीमी रफ्तार के कारण मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल है। तेज धूप के साथ बढ़ती उमस ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो दिन तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। मानसून के सक्रिय होने और अच्छी बारिश के बाद ही मौसम सुहाना होने की उम्मीद है।
दिन में तेज धूप के कारण बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है। लोग सुबह और शाम के समय ही जरूरी काम निपटा रहे हैं। रात में भी उमस के कारण लोगों को चैन नहीं मिल रहा है। बिजली की बढ़ती खपत के चलते कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या भी सामने आ रही है।
बारिश में देरी का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। जिन किसानों ने बुवाई कर दी है, वे खेतों में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे लागत बढ़ रही है। वहीं कई किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि समय पर बुवाई पूरी की जा सके।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम ने बताया कि दो दिन बाद मानसून की गतिविधियां तेज होने के साथ क्षेत्र में बारिश की संभावना बनेगी। बारिश होने पर तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिलेगी। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स 207 दर्ज किया गया। गंगानगर में 187, जयभीम नगर में 179, एमआईईटी कॉलेज में 288, पल्लवपुरम में 181 दर्ज किया गया।
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