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रिजल्ट से एक दिन पहले बोले दिग्गज नेता, क्या कहता है मेरठ जिले का गणित

Fri, 10 Mar 2017 06:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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मतगणना के काउंट-डाउन के बीच प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत का आंकड़ा लगाने में व्यस्त हैं। भाजपा का दावा है कि पार्टी जिले की सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अलावा सभी जातिगत आंकड़ों के साथ अपनी स्थिति को मजबूत बता रहे हैं। कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने भी जातिगत आंकड़ों के आधार पर अपनी जीत तय बताई है। बसपा नेताओं ने जिले में सबसे बेहतर प्रदर्शन का दावा किया है। रालोद और कांग्रेस के भी मजबूत प्रदर्शन के दावे हैं।
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खटीक बोले- बड़ेे अंतर से जीतेंगे

भाजपा प्रत्याशी दिनेश खटीक
हस्तिनापुर सीट से भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि 15 साल बाद हस्तिनापुर में इस बार पूरे जोश के साथ कमल खिल रहा है। उनके अनुसार हस्तिनापुर में 221679 वोट पड़े हैं। इनमें करीब 50 हजार वोट गुर्जर बिरादरी के हैं, जिनमें से लगभग 40 हजार वोट भाजपा के पाले में आए हैं। इसके अलावा जाट बिरादरी के करीब 14 हजार वोट में से आठ हजार, त्यागी के सात हजार में से छह हजार, ब्राह्मणों के 10 हजार में से करीब नौ हजार, वैश्य बिरादरी के 10 हजार में से 9500 वोट मिले हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के करीब 65 हजार वोट पड़े हैं। उनका दावा है कि इनमें से 50 हजार वोट भाजपा के पक्ष में आए हैं। इसके अलावा कुछ दलित वोट भी भाजपा को बोनस के रूप में मिलेगा। इस गणित के साथ वह 1.20 लाख वोट पाने का दावा ठोक रहे हैं। दिनेश खटीक का कहना है कि दूसरे नंबर पर बसपा और तीसरे पर सपा रहेगी। उनकी जीत का अंतर 40 हजार से ज्यादा का होगा।

दूसरे-तीसरे नंबर की लड़ाई में कांग्रेस-बसपा : सत्यप्रकाश

भाजपा प्रत्याशी और विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल
कैंट सीट से भाजपा प्रत्याशी और विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। जीत के दावों को पुख्ता करते हुए सत्यप्रकाश का कहना है कि कैंट सीट पर वैश्य वोट सबसे ज्यादा हैं और उसके बाद पंजाबी वोट हैं। यहां पर 2.36 लाख वोट पड़े हैं। इनमें सिर्फ दलित, पंजाबी, जाट और मुस्लिम मतों के साथ कुछ परंपरागत कांग्रेस के वोट पर दोनों प्रमुख प्रत्याशियों का गणित टिका हुआ है। इसमें पंजाबी वोट का यदि 50 प्रतिशत हिस्सा भी कांग्रेस के पक्ष में मान लिया जाए तो बाकी भाजपा के पाले में आया है, जो करीब 20 हजार बैठता है। जबकि, करीब 45 हजार वैश्य वोट भाजपा के खाते में गया है, तो जाट वोट का बसपा, रालोद ओर भाजपा तीनों के बीच बंटवारा हुआ है। इनके अलावा गुर्जर, ब्राह्मण और अन्य पिछड़ा वर्ग के वोट पूरी तरह भाजपा के पक्ष में गए हैं, जो करीब 40 हजार बैठते हैं। ऐसे में भाजपा को एक लाख से ज्यादा वोट मिलेंगे। बाकी वोट कांग्रेस, बसपा और रालोद प्रत्याशियों के बीच बंटेंगे। ऐसे में भाजपा की जीत का अंतर इस बार 25 से 30 हजार के बीच होगा।

जीत होगी और बड़े अंतर से होगी : डॉ. सोमेंद्र तोमर

भाजपा प्रत्याशी डॉ. सोमेंद्र तोमर
दक्षिण सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. सोमेंद्र तोमर का कहना है कि उनकी जीत तय है। उनके अनुसार दक्षिण सीट पर 2.70 लाख वोट पड़े हैं। दावा किया है कि मुस्लिम मतों के बंटवारे ने उनकी जीत के अंतर को बढ़ा दिया है। उन्होंने बूथवार मतदान के आंकड़ों को इकट्ठा किया है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम वोट इस सीट पर सबसे ज्यादा हैं। उसके बाद वैश्य, दलित वोट हैं, जबकि अन्य बिरादरियों के वोट निर्णायक हैं। डॉ. सोमेंद्र के अनुसार मुस्लिम मतों में 60 से 40 प्रतिशत का बंटवारा हुआ है। यह उनके  पक्ष में है। उन्होंने जातिगत आंकड़ों के गणित से इनकार करते हुए कहा कि बूथवार जो आंकड़ा निकाला है, उसके अनुसार मुस्लिमों का मतदान करीब 58 प्रतिशत हुआ है। ऐसे में उन्हें लगभग 1.20 लाख वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि बसपा प्रत्याशी को एक लाख के आसपास वोट मिलेेंगे। सपा-कांग्रेस गठबंधन को करीब 35 हजार और अन्य को 15 के आसपास वोट मिलेंगे। ऐसे में 20 हजार के आसपास से जीत तय है।

किठौर में 24 साल बाद वापसी करेगी भाजपा : सत्यवीर त्यागी

भाजपा प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी
किठौर सीट पर भाजपा को पहली बार वर्ष-1993 में जीत मिली थी। उसके बाद से भाजपा यहां जीत नहीं हासिल कर सकी है। भाजपा प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि किठौर में कुल 2.42 लाख वोट पड़े हैं। उनके पक्ष में 15 हजार त्यागी, 15 हजार ठाकुर, चार हजार गुर्जर, 18 हजार जाट, 15 हजार वैश्य और ब्राह्मण वोटों के साथ करीब 40 हजार अन्य बिरादरियों (सैनी, प्रजापति, कश्यप आदि) के वोट मिले हैं। ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि एक लाख से ज्यादा वोट मिलेगा। इसके बाद जो करीब 1.40 लाख वोट बचता है, उसका बंटवारा सपा, बसपा और रालोद प्रत्याशियों के बीच होगा। सत्यवीर अपना मुकाबला कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर से मानते हैं। उनका मानना है कि जीत का अंतर करीब 15 से 20 हजार के बीच होगा।

सिवाल में पहली बार मिलेगी जीत : जितेंद्र सतवाई

भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह सतवाई
सिवालखास से भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह सतवाई का कहना है कि निश्चित रूप से भाजपा की जीत होगी। उनके अनुसार सिवालखास में 2.25 लाख वोट पड़े हैं। इसमें बूथवार और जातिगत आंकड़ों पर जो गणित निकलकर आया है, उसमें भाजपा को लगभग 80 हजार वोट मिलेंगे। सपा प्रत्याशी को लगभग 65 हजार, रालोद को 50 हजार और बसपा प्रत्याशी को करीब 35 हजार वोट मिलेंगे। उनके अनुसार जाट मतों का करीब 20 फीसदी हिस्सा ही उन्हें मिल रहा है। लेकिन, ठाकुर, ब्राह्मण, गुर्जर, त्यागी, कश्यप, सैनी, प्रजापति आदि बिरादरियों का 90 प्रतिशत वोट भाजपा के पक्ष में है। दावा किया कि सपा प्रत्याशी को करीब 56 हजार मुस्लिम के साथ सात-आठ हजार अन्य वोट मिल रहे हैं। रालोद के खाते में 40 हजार जाट वोट समेत 10-12 हजार अन्य वोट आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा की जीत पूरी तरह तय है।
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शहर में भाजपा को मुस्लिम वोट भी मिले : वाजपेयी

भाजपा प्रत्याशी डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी
शहर सीट सांप्रदायिक ध्रुवीकरण में फंसी हुई है। लेकिन, भाजपाई मुस्लिम राजनीति में वर्चस्व की जंग का फायदा मिलने का दावा कर रहे हैें। भाजपा प्रत्याशी डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि उनकी सीट पर इस बार मुकाबला पूरी तरह कांटे का है और यह भी तय है कि हार-जीत का अंतर बहुत कम होगा। बूथवार आंकड़ों और कार्यकर्ताओं की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वह जीत के प्रति आश्वस्त हैं। वाजपेयी का दावा है कि हिंदू मतों का बंटवारा हुआ है, लेकिन इतना नहीं जितना अनुमान लगाया जा रहा है। उनका दावा है कि मुस्लिम मतों का बंटवारा हुआ है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा को शहर से मुस्लिम वोट भी मिले हैं। इस आधार पर वह अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं।
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