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Health news: मोबाइल की स्क्रीन घातक, आंखों को लग रही नजर, 70 प्रतिशत की आंखें निकली कमजोर

Wed, 22 Jun 2022 04:02 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

स्मार्टफोन की वजह से पिछले कुछ सालों में ड्राई आई के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में नेत्र रोग से पीड़ित 23117 मरीज पहुंचे।
 
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आंखों को कैसे स्वस्थ रखें - फोटो : Istock
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विस्तार
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आंखें कुदरत की अनमोल देन हैं, मगर इस अनमोल तोहफे को हमारी आदत में शुमार हो चुका मोबाइल नुकसान पहुंचा रहा है। इस साल मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में पहुंचे 23117 मरीजों के अवलोकन में पता चला है कि इनमें से 70 प्रतिशत की आंखें कमजोर निकली हैं। कई तरह के कारण और भी हैं, लेकिन इसकी मुख्य वजह मोबाइल ही है। इनमें 21 से 40 साल की उम्र के लोग ज्यादा थे। बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है।

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जनवरी 2022 से लेकर 15 जून 2022 तक मेडिकल कॉलेज नेत्र रोग विभाग में 14,534 लोग आंखों की समस्या लेकर पहुंचे। इनमें से 3483 के बड़े और छोटे ऑपरेशन करने पड़े। जिला अस्पताल में 8583 लोग पहुंचे। 164 ऑपरेशन किए गए। अन्य को चश्मा लगाने की सलाह दी गई।

चिकित्सकों ने बताया कि रोशनी की कमी से आंखों की पुतलियां फैल जाती हैं, जिसका परिणाम होता है कि आंख के फोकस में नजदीक और दूर की चीजों के बीच फर्क कम होना। लगातार टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर देखने से आंखों की रोशनी कम होने लगती है, क्योंकि इनसे निकलने वाली घातक किरणें हमारी आंखों को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं।
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नसों में आ जाती है सूजन
आंखों की रोशनी कम होने कारणों में मुख्य रूप से लेटकर पढ़ने की आदत, अंधेरे में पढ़ना, लंबे समय तक आंखें गड़ाकर लगातार मोबाइल-टीवी या कंप्यूटर देखना हैं। अगर यह अंधेरे में करें तो और घातक हैं। लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल से चिपके रहने वालों की आंखों की नसों में सूजन आ जाती है। - डॉ आरसी गुप्ता, प्राचार्य और नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज

बढ़ गई मरीजों की संख्या
मोबाइल या कंप्यूटर पर व्यस्त रहने के कारण आंखों में मेलाटोनिन हार्मोन लेवल कम हो जाता है। स्मार्टफोन की वजह से पिछले कुछ सालों में ड्राई आई के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, नेत्र परीक्षण अधिकारी, जिला अस्पताल 

एक मिनट में 10 से 15 बार झपकनी चाहिए पलक
अमूमन एक मिनट में 10 से 15 बार पलकें झपकना चाहिए, इससे कार्निया में तरलता बनी रहती है। मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर पर काम करते वक्त कई लोगों की पलकें एक मिनट तक झपकती नहीं हैं या दो-चार बार ही झपकती हैं। इससे आंखों में तरलता कम हो जाती है।

ऐसे करें बचाव
  • आंखों को पर्याप्त आराम देने के लिए 8 घंटे की नींद लें
  • कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हों तो उचित दूरी बना कर रखें
  • दिन में 3 से 4 बार अपनी आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं
  • धूप या किसी धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो सनग्लासिज पहनें
  • खाने में दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, देसी घी और हरी सब्जियां खाएं
  • समय-समय पर चेकअप कराते रहें
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