नसों में आ जाती है सूजन
आंखों की रोशनी कम होने कारणों में मुख्य रूप से लेटकर पढ़ने की आदत, अंधेरे में पढ़ना, लंबे समय तक आंखें गड़ाकर लगातार मोबाइल-टीवी या कंप्यूटर देखना हैं। अगर यह अंधेरे में करें तो और घातक हैं। लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल से चिपके रहने वालों की आंखों की नसों में सूजन आ जाती है। - डॉ आरसी गुप्ता, प्राचार्य और नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
बढ़ गई मरीजों की संख्या
मोबाइल या कंप्यूटर पर व्यस्त रहने के कारण आंखों में मेलाटोनिन हार्मोन लेवल कम हो जाता है। स्मार्टफोन की वजह से पिछले कुछ सालों में ड्राई आई के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, नेत्र परीक्षण अधिकारी, जिला अस्पताल
एक मिनट में 10 से 15 बार झपकनी चाहिए पलक
अमूमन एक मिनट में 10 से 15 बार पलकें झपकना चाहिए, इससे कार्निया में तरलता बनी रहती है। मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर पर काम करते वक्त कई लोगों की पलकें एक मिनट तक झपकती नहीं हैं या दो-चार बार ही झपकती हैं। इससे आंखों में तरलता कम हो जाती है।
ऐसे करें बचाव
- आंखों को पर्याप्त आराम देने के लिए 8 घंटे की नींद लें
- कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हों तो उचित दूरी बना कर रखें
- दिन में 3 से 4 बार अपनी आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं
- धूप या किसी धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो सनग्लासिज पहनें
- खाने में दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, देसी घी और हरी सब्जियां खाएं
- समय-समय पर चेकअप कराते रहें