मेडिकल में ऑक्सीजन की कमी से महिला की मौत का मामला
दो सदस्यीय कमेटी आज देगी रिपोर्ट, 5 वार्ड ब्वाय को नोटिस दिया
बयान दर्ज किए गए, ऑक्सीजन की कमी नहीं मान रहा मेडिकल प्रबंधन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में लापरवाही से इंद्रावती (62) की मौत के मामले में 5 वार्ड ब्वाय को स्पष्टीकरण नोटिस दिया गया है। दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें प्रमुख अधीक्षक डॉ धीरज बालियान और डॉ संदीप मालियान हैं। इन्होंने वार्ड ब्वाय के बयान लिए हैं। ये शनिवार को प्राचार्य को रिपोर्ट देंगे, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
महिला की मौत के मामले में परिजनों और कर्मचारियों का आरोप है कि इंद्रावती को इमरजेंसी वार्ड से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में शिफ्ट किया जा रहा था, जिसकी दूरी मात्र 100 मीटर के आसपास है, तभी सिलिंडर में ऑक्सीजन खत्म हो गई और मरीज की सांस उखड़ने लगी। तुरंत ही दूसरा ऑक्सीजन सिलिंडर लगाया गया, लेकिन उसमें भी ऑक्सीजन नहीं थी, जिसके चलते महिला मरीज ने दम तोड़ दिया।
इंद्रावती पत्नी त्रिलोक चंद को सांस लेने की तकलीफ के चलते बुधवार को देर रात लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. त्रिलोकचंद खुद मेडिकल कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी थे और वह रिटायर हो चुके हैं. बृहस्पतिवार को सुबह इंद्रावती को इमरजेंसी विभाग से आईसीयू में शिफ्ट किया जा रहा था। ऑक्सीजन लगाकर स्ट्रेचर से ले जाया जा रहा था. आरोप है कि कुछ दूर चलते ही सिलिंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई जिससे उनकी सांस उखड़ने लगी. आरोप यह भी है कि आनन फानन में दूसरा ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया लेकिन वह भी खाली था. इस गंभीर लापरवाही के चलते इंद्रावती की मौत हो गई। इस पर कर्मचारियों ने हंगामा किया। चिकित्सकों ने उन्हें समझकर शांत किया। मेडिकल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
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ऑक्सीजन की कमी नहीं है, लापरवाही कहां हुई, पता किया जा रहा: डॉ धीरज बालियान
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि मरीज को इमरजेंसी वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया जाना था। मरीज में खून की कमी थी। हीमोग्लोबिन 4 था। दो तरह के ऑक्सीजन सिलिंडर होते हैं, एक साइज में छोटा होता है और एक बड़े साइज में होता है। बड़ा सिलिंडर उस समय उपलब्ध नहीं था। छोटा सिलिंडर लगाकर उन्हें शिफ्ट किया गया। मरीज की हालत पहले से ही खराब थी। रास्ते में और होने लगी। वापस उनको इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, लेकिन काफी प्रयासों के बाद मरीज को नहीं बचाया जा सका। प्रथम दृष्टया मरीज की मौत ऑक्सीजन की वजह से प्रतीत नहीं हो रही। ऑक्सीजन पर्याप्त है। हालांकि, आरोप के बाद ड्यूटी पर तैनात पांच वार्ड ब्वाय को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही एक कमेटी गठित की गई है। जांच में कोई भी कमी पाई जाएगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।