राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस आज
70 फीसदी गर्भवती खून की कमी की शिकार
महिला जिला अस्पताल में 15 माह के दौरान आईं पांच हज़ार महिलाओं की अवलोकन रिपोर्ट में खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिले की करीब 70 फीसदी गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन सामान्य से कम निकला है। एक जनवरी 2023 से 31 मार्च 2024 तक जिला महिला अस्पताल में डिलीवरी कराने आईं पांच हज़ार महिलाओं की अवलोकन रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। गर्भवती में खून की कमी बड़ी समस्या है। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 3500 महिलाओं में हीमोग्लोबिन की सामान्य रेंज भी नहीं मिली। सिर्फ 30 फीसदी में ही सामान्य रेंज पाई गई। 521 महिलाओं को रक्त चढ़ाया गया। इनमें रक्त की मात्रा 8 डेसीलीटर से भी कम थी। सामान्य महिला के शरीर में 11.5 से 15 ग्राम प्रति डेसीलीटर रक्त होता है। कम हीमोग्लोबिन मां और गर्भ में पलने वाले के लिए भी घातक है।
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...इसलिए कम हो जाता है हीमोग्लोबिन
जिला महिला अस्पताल की प्रभारी डॉ. ज्योत्स्ना कुमारी ने बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु की देखभाल के लिए शरीर का आकार तो बढ़ जाता है, मगर उसमें लाल रक्त कोशिका की वृद्धि नहीं होती है, इसलिए हीमोग्लोबिन स्तर कम हो जाता है। इन्हें पौष्टिक आहार और आयरन टेबलेट खानी पड़ती हैं। महिलाओं में जागरूकता की कमी भी इसकी वजह है।
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खून की कमी के कारण
- शरीर में फॉलिक एसिड की कमी
- विटामिन बी और आयरन की कमी
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संतान चाहिए सेहतमंद, गर्भवती की परवाह नहीं
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा त्यागी ने बताया कि संतान तो सब सेहतमंद चाहते हैं, मगर उन्हें जन्म देने वाली महिलाओं की परवाह नहीं की जा रही है। यही वजह है कि महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम मिल रहा है। गर्भवती की परवाह की जाए तो इस समस्या में कमी आ जाएगी।