दिल्ली में मरीज की पुष्टि होने के बाद कोरोनावायरस का खौफ और तारी है। वहीं पश्चिमी यूपी में स्वाइन फ्लू के खौफ से लोग दहशत में हैं। वहीं मंगलवार को लखनऊ से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूपी के शामली पहुंचकर सीएचसी में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव राजेंद्र तिवारी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सिंगापुर, इटली और चीन से आए लोगों की 28 दिन तक निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को शामली पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम में लखनऊ से ज्वाइंट डायरेक्टर संचारी डॉ एचके अग्रवाल, डॉ पंकज सक्सेना और डिविजनल सर्विलांस ऑफिसर सहारनपुर मेरठ मंडल, डॉ अशोक तालियान शामिल हैं। डॉ एच अग्रवाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिलों में संचारी रोग की रोकथाम के लिए अस्पतालों में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड की जांच की जा रही है।
शामली सीएचसी में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में कुछ कमियां पाई गई है, जहां पर वार्ड बनाया गया है वह छोटा है और दो-तीन बेड का है.। चिकित्सा अधिकारी से कहा गया है कि वार्ड को दूसरे स्थान पर खुले में बनाया जाए और वार्ड के लिए जो भी जरूरी मानक हैं वे पूरे किए जाएं।
‘सिंगापुर, इटली और चीन से आए लोगों की करें निगरानी’
दिल्ली में मरीज की पुष्टि होने के बाद कोरोना का खौफ और तारी है। प्रमुख सचिव राजेंद्र तिवारी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में हिदायत दी है कि सिंगापुर, इटली और चीन से आए लोगों की 28 दिन तक निगरानी की जाए। अगर किसी में कोई लक्षण लगता है तो उसकी तुरंत लखनऊ या दिल्ली जांच कराई जाए।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि प्रमुख सचिव ने नेपाल बॉर्डर सील करने और दोनों इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अतिरिक्त निगरानी के लिए कहा गया है। जिला स्तर पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से ज्यादा कोरोना का खौफ, क्योंकि स्वाइन फ्लू की दवा मौजूद है, मगर अभी कोरोना की दवा नहीं है। ऐसे में कोरोना से बचने के लिए ज्यादा एहतियात बरतने केलिए कहा गया है। मेरठ में चीन से आए 11 लोगों, सिंगापुर और इटली से आए एक-एक व्यक्ति की निगरानी की जा रही है। यहां इन देशों से 100 से ज्यादा लोग आए हैं, बाकी की निगरानी बंद की जा चुकी है।