सरूरपुर। गांव कक्केपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कृषि भूमि को लेकर चल रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अनियमितता के मामले में पहले भी दो प्रधानाध्यापक निलंबित हो चुके हैं। इसके बाद विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका दर्शना जायसवाल को आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया है। अब तक इस प्रकरण में तीन प्रधानाध्यापक निलंबित हो चुके हैं।
गांव कक्केपुर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में डेढ़ वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानाध्यापक अजय शर्मा पर स्कूल की कृषि भूमि के ठेके सहित अन्य कार्यों के लिए आई करीब 18 लाख रुपये की धनराशि के गबन का आरोप था। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर अजय शर्मा को बीएसए ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद रोशन लाल को प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया था। रोशन लाल पर भी कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर विद्यालय की प्रबंध समिति गठित कर दी थी। इसके बाद गांव के प्रधान गौरव कुमार ने तत्कालीन प्रधानाध्यापक रोशन लाल पर विभाग को गुमराह करने, गांव की राजनीति में शामिल हाेने के आरोप लगाकर शिकायत की थी।
उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी। जांच के दौरान रोशन लाल पर लगे आरोपों की पुष्टि होने पर बीएसए ने निलंबित कर दिया था। इनके स्थान पर महिला शिक्षक दर्शना जायसवाल को प्रधानाध्यापक नियुक्ति किया गया था। बीएसए ने पत्र जारी करते हुए दर्शना जायसवाल को भी निलंबित कर दिया है। आरोप है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय प्रबंध समिति का सचिव होता है। विद्यालय की कृषि भूमि का ठेका छोड़ने में दायित्व का निर्वह्न नहीं किया और प्रबंध समिति के साथ मिलकर कृषि भूमि का स्वरूप बदलकर भूमि पर खेल मैदान का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव पास कराया। इसके चलते उन पर निलंबन की कार्रवाई की गई।