फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: तीन दिन अनुपस्थित रही प्रधानाध्यापिका निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
- निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय समयपुर के शौचालयों पर ताले और छत पर पौधे उगे मिले थे
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। विकास क्षेत्र रजपुरा के प्राथमिक विद्यालय समयपुर में लगातार अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों के बाद प्रधानाध्यापिका पूनम रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने निरीक्षण रिपोर्ट और प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर यह कार्रवाई की। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा जबकि जांच पूरी होने तक उन्हें प्राथमिक विद्यालय कस्तला से संबद्ध किया गया है।
बीएसए की ओर से 16 अप्रैल को विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान 164 पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष 114 छात्र उपस्थित मिले। विद्यालय में कार्यरत सात शिक्षिकाओं में से चार शिक्षिकाएं उपस्थित थीं जबकि प्रधानाध्यापिका पूनम रानी 14, 15 और 16 अप्रैल को बिना सूचना अनुपस्थित रहीं। वहीं सहायक अध्यापिका नेहा त्यागी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद विद्यालय में मौजूद नहीं थीं।
विज्ञापन

निरीक्षण में विद्यालय की कई गंभीर खामियां सामने आईं। विद्यालय के मुख्य गेट पर नाम और यू-डायस कोड प्रदर्शित नहीं था। बच्चों से पूछने पर पता चला कि प्रधानाध्यापिका नियमित रूप से पढ़ाने नहीं आती थीं। शिक्षिकाओं ने भी बताया कि वह कभी-कभी विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति पंजिका के खाली कॉलमों में हस्ताक्षर कर चली जाती थीं।
इस दौरान विद्यालय के शौचालयों पर ताले लगे मिले और बायोटॉयलेट में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। भवन कई वर्षों से रंगाई-पुताई न होने के कारण जर्जर दिखाई दिया। छत पर पौधे उगे मिले, जिससे भवन में जल रिसाव और लिंटर को नुकसान की आशंका जताई गई। निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विद्यालय संचालन अव्यवस्थित और शासकीय मानकों के विपरीत पाया गया।
विज्ञापन

बीएसए ने रिपोर्ट में उल्लेख किया कि विद्यालय को हर वर्ष कंपोजिट ग्रांट, स्पोर्ट्स ग्रांट, ईको क्लब और टीएलएम मद में धनराशि उपलब्ध कराई जाती रही, लेकिन विद्यालय में इन मदों का उपयोग दिखाई नहीं दिया। कार्यालय की ओर से सभी शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकांश शिक्षिकाओं का जवाब संतोषजनक पाया गया लेकिन प्रधानाध्यापिका पूनम रानी का स्पष्टीकरण साक्ष्यहीन और अस्वीकार्य माना गया। इसके बाद बीएसए ने उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी मुख्य को जांच अधिकारी नामित किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें