हज कमेटी ऑफ इंडिया ने लगातार दूसरे साल भी हज यात्रा रद्द करने के निर्देश दिए हैं। सऊदी सरकार ने विदेशी लोगों पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। इस साल सिर्फ सऊदी के लोग ही हज कर सकेंगे। वहीं इस फैसले से हज यात्रा की तैयारी कर रहे अकीदतमंद मायूस हो गए हैं।
बता दें कि हर साल मेरठ से करीब पांच हजार अकीदतमंद हज यात्रा करते हैं। उलमा ने यात्रा रद्द होने पर अफसोस जाहिर किया है। उलमा का कहना है कि कोरोना के कारण यह फैसला लिया गया है।
- दूसरे साल भी हज यात्रा रद्द होने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण हज कमेटी को यह फैसला लेना पड़ रहा है। अगले साल यात्रा की संभावना है।
- कारी सलमान कासमी, महामंत्री, जमीयत उलमा-ए-हिंद
- हज यात्रा न होना दुख की बात है। लेकिन लोग सलामत रहेंगे तो बेहतर होगा। अगले साल माहौल सही होने पर हज यात्रा हो सकेगी। महामारी के कारण यह फैसला लिया गया है।
- काजी कारी अफ्फान कासमी, ईदगाह लिसाड़ी
- इस्लाम के बुनियादी फर्ज को पूरा करना जरूरी है। लेकिन कोरोना के कारण हज न होना लोगों को मायूस कर रहा है। मेरठ से बड़ी संख्या में लोग यात्रा पर जाते थे, लेकिन लगातार दूसरे साल भी ऐसा नहीं हो पाएगा। लोगों को सब्र रखना होगा।
- इमाम मुफ्ती वाजिद, विकासपुरी मस्जिद
- हज यात्रा पूरी तरह रद्द कर दी गई। लोग मायूस हैं, लेकिन सब ठीक रहा तो अगले साल यात्रा पूरी हो सकेगी। अकीदतमंद तैयारी कर रहे थे, लेकिन यात्रा स्थगित करनी पड़ेगी।
- मुफ्ती मौलाना जिब्राईल, गोला कुआं मस्जिद