कृष्णा सर्किट में शामिल करने के लिए पांडव नगरी की प्रमुख सचिव को भेजी रिपोर्ट
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर (मेरठ)। पांडव नगरी को उसका खाेया वैभव लौटाने के लिए नगर पंचायत की ओर से शुरू हुआ प्रयास रंग ला रहा है। नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक द्वारा कृष्णा सर्किट को लेकर नगरीय विकास विभाग मंत्री एके शर्मा को भेजे गए जो दस्तावेज अब उन्होंने कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को भेज दिए हैं। इसकी जानकारी नगर पंचायत को पत्राचार के माध्यम से दी गई है। महाभारत कालीन पांडव नगरी को कृष्णा सर्किट में शामिल होते ही श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या, मथुरा और काशी की तरह हस्तिनापुर का विकास होगा। कृष्णा सर्किट योजना भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को विकसित करने की एक पहल है। इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, बुनियादी ढांचा विकसित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसे देखते हुए नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक ने हस्तिनापुर को कृष्णा सर्किट में शामिल करने की मांग करते हुए 12 अक्तूबर 2025 को नगर विकास शहरी समग्र विकास मंत्री एके शर्मा को हस्तिनापुर के इतिहास की जानकारी देते हुए कृष्णा सर्किट में शामिल करने की मांग की थी।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने नगर पंचायत को पत्र भेज कर अवगत कराया कि हस्तिनापुर को कृष्णा सर्किट में शामिल करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इससे संबंधित फाइल प्रमुख सचिव को भेज दी गई है। जहां से अनुमति मिलते ही संबंधित विभाग को यह फाइल जाएगी। इसके बाद हस्तिनापुर को कृष्णा सर्किट में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू होगी।
हस्तिनापुर में स्थित हैं महाभारत कालीन स्थल
प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर, पांडव टीला उल्टा खेड़ा, प्राचीन कर्ण मंदिर, द्रौपदी घाट, द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर।
श्रीकृष्ण से जुड़े स्थल कृष्णा सर्किट में शामिल
देश के विभिन्न राज्यों में जो भी स्थान भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े हैं उन्हें सरकार द्वारा कृष्णा सर्किट में शामिल किया गया है। हस्तिनापुर महाभारत कालीन है। यह भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि रही है परंतु हस्तिनापुर को कृष्णा सर्किट में शामिल नहीं किया गया। चेयरपर्सन सुधा खटीक ने सरकार को पत्र भेजकर लिखा है कि हस्तिनापुर भी भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ा है। हस्तिनापुर के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाना और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कृष्णा सर्किट में शामिल किया जाए।
कृष्णा सर्किट के लिए चल रही प्रक्रिया
पांडव नगरी को कृष्णा सर्किट में शामिल करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अइसकी प्रक्रिया चल रही है। नगरीय विकास विभाग मंत्री द्वारा इस मामले में प्रमुख सचिव को फाइल भेजी गई है। -सुधा खटीक, चेयरपर्सन, हस्तिनापुर