मेरठ जनपद के गंगानगर थाना क्षेत्र में हर्ष फायरिंग की घटनाएं थम नहीं रहीं हैं। गंगानगर की अमन विहार कॉलोनी में रविवार रात पत्नी का बर्थडे मना रहे रिश्तेदार ने हर्ष फायरिंग कर दी। गोली परिवार की एक किशोरी को जा लगी। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस पहुंची। लेकिन परिजनों ने तहरीर देने और कोई कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
एसओ गंगानगर ओपी सिंह के अनुसार गंगानगर जे ब्लॉक में सुशील शर्मा पत्नी रेनू और बेटी मेघा (15) के साथ रहते हैं। मेघा निजी स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा है। रविवार को सुशील परिवार सहित अपने साले अमन विहार कॉलोनी निवासी नितिन के घर बर्थडे पार्टी में गए थे। बर्थडे नितिन की पत्नी बुलबुल का था। बताया गया कि केक कटने के बाद सभी एक-दूसरे के फोटो खींच रहे थे। इस दौरान एक रिश्तेदार खुशी में फायरिंग करने लगा।
जिसमें एक गोली घर के मेन गेट के पास खड़ी मेघा के पेट में जा घुसी। मेघा को गंभीर हालत में बक्सर स्थित सूर्या नर्सिंग होम में भर्ती कराया। एसओ गंगानगर ने बताया इस मामले में परिजनों ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। अस्पताल से मीमो आने पर पुलिस देर रात जानकारी लेने पहुंची। सूर्या नर्सिंग होम के संचालक आमोद भारद्वाज के मुताबिक देर रात ही ऑपरेशन कर गोली निकाल ली गयी थी। मेघा को आईसीयू में रखा गया है। उसकी हालत में सुधार है।
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पीछे से चलाई थी रिश्तेदार ने गोली
फायरिंग
एसओ के अनुसार घायल मेघा के बयान की वीडियोग्राफी करायी गयी। बच्ची ने पूछताछ में बताया कि फोटो खिंचवाने के बाद मैं घर के बाहर गेट के पास खड़ी हुई थी। तभी एक रिश्तेदार पीछे से आया और हर्ष फायरिंग कर दी। जिसमें अचानक उसको गोली लग गयी। जिससे मैं घायल हो गयी थी। अब मैं ठीक हूं।
पुलिस करेगी कार्रवाई
एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि बर्थडे पार्टी में एक रिश्तेदार ने हर्ष फायरिंग की, जिसमें छात्रा को गोली लगी है। एसओ गंगानगर को जांच के लिये भेजा था। इस मामले में कार्रवाई होगी। जिस असलहे से गोली चली है, उसको भी बरामद किया जाएगा।
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फैशन बनी हर्ष फायरिंग, असलहों का दुरुपयोग
हर्ष फायरिंग
शस्त्र लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है। लेकिन कभी कभार सुनने को मिलता है कि किसी ने जान बचाने के लिए असलहे का प्रयोग किया हो। इसके बजाय इन असलहों से हर्ष फायरिंग करना फैशन बन गया। पिस्टल या रिवाल्वर का सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन भी स्टेटस सिंबल माने जाने लगा है। असलहों का दुरुपयोग रोकने के आदेशों का धरातल पर पालन भी नहीं होता।
लचर कार्रवाई देती बढ़ावा
हर्ष फायरिंग में किसी की मौत होने पर पुलिस कुछ गंभीरता दिखाती है। लेकिन घायल होने के मामले में पुलिस हाथ खींच लेती है। हालांकि पुलिस दावा करती है कि कई शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की संस्तुति की गई। लेकिन जरूरत इससे ज्यादा प्रभावी कार्रवाई की है।
नेता भी दुरुपयोग में कम नहीं
बीते माह पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज द्वारा दुकानदार पर पिस्टल तानने का आरोप लगा था। कोतवाली पुलिस ने याकूब परिवार के तीन लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की थी। वहीं, किनौनी मिल गेट पर फायरिंग के मामले में भाजपा नेता उमेश गुर्जर और अमित गुर्जर के पिस्टल और रिवाल्वर के लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट डीएम को भेजी गयी।
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एसओ करें प्रभावी कार्रवाई
एसएसपी मंजिल सैनी दहल
एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने बताया कि किनौनी प्रकरण में शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त कराया गया है। हर्ष फायरिंग के अलावा अन्य मामलों में असलहों का दुरुपयोग मिलने पर इनके लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गयी हैं। सभी थानेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों में प्रभावी एवं नियमानुसार कार्रवाई करें।
आत्मरक्षा के लिए देते हैं लाइसेंस
सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है। किसी को धमकाना, प्रदर्शन, हर्ष फायरिंग आदि करना शस्त्र दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। ऐसे में मामलों में जिलाधिकारी के आदेश पर शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होती है।
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