नवरात्र में कुट्टू के आटे की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बाजार में ‘जहरीला’ कुट्टू का आटा आने लगता है। वर्ष 2011 में कुट्टू का आटा खाने के कारण दिल्ली में 200 लोग बीमार हो गए थे। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि कुट्टू के खराब आटे को खाने से पेट में दर्द, भूख न लगना, लीवर को नुकसान पहुंचाना और आंतों में जख्म आदि परेशानियां हो सकती हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन मंगलवार या बुधवार से अभियान चलाएगा, जिसमें मिलावटी और खराब कुट्टू का आटा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह है कुट्टू का आटा
कुट्टू का आटा ‘बक्वीट’ के पौधों के बीजों से बनता है। कुट्टू कहे जाने वाले आटे को अंग्रेजी में बक्वीट तो पंजाब में ओखला के नाम से जाना जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में फैगोपाइरम एसक्युल्युटम कहते हैं।
खूब है कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन
कुट्टू के आटे में 75 प्रतिशत कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट और 25 प्रतिशत हाई क्वालिटी प्रोटीन होते हैं, जो वजन कम करने में सहायक होते हैं। ये दिल की बीमारियों के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हैं। इसमें मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन बी, आयरन, फास्फोरस की मात्रा अधिक होने के कारण इसका इस्तेमाल कई दवाइयों में भी किया जाता है।