पापा का बिजनेस संभालने के साथ प्रैक्टिस करूंगी : हरलीन
सोतीगंज निवासी हरलीन कौर कक्कड़ के सीए बनने से परिवार में खुशी की लहर है। हरलीन के पिता चिरंजीव सिंह कक्कड़ बिजनेसमैन और मम्मी मीनू कक्कड़ न्यूट्रीशनिस्ट हैं। साइंस बैकग्राउंड के साथ हरलीन ने सोफिया से इंटर में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए परिवार का नाम रोशन किया था।
हरलीन ने वर्ष 2019 से सीए की तैयारी शुरू की। हरलीन परिवार में पहली सीए बनी हैं। हरलीन ने बताया कि मम्मी का सपना था कि मैं सीए बनूं। आज मम्मी की इच्छा ही पूरी हो गई। डीयू के आत्मराम सनातन धर्म कॉलेज से स्नातक हरलीन कौर का पसंदीदा विषय फाइनेंस है।
इसमें उन्होंने 95 फीसदी अंक पाए हैं। हरलीन को बेहतर करने की प्रेरणा अपनी बहन जसलीन से मिली। हरलीन ने बताया कि वह पापा का बिजनेस संभालने के साथ सीए प्रैक्टिस भी करेंगी। सीए बहुत मुश्किल नहीं है। बस निरंतर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।
मेरठ में 231 छात्रों ने दी परीक्षा, 70 हुए सफल
मेरठ ब्रांच के सह-अध्यक्ष सीए नितिन मलिक एवं सचिव सीए शशांक गुप्ता के अनुसार सीए फाइनल में मेरठ जिले से ग्रुप-1 में 123 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और 37 सफल हुए। ग्रुप-2 में 55 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 18 सफल रहे। संयुक्त ग्रुप में 53 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और 15 पास हुए।
कुल 231 छात्र-छात्राओं ने मेरठ से फाइनल की परीक्षा दी और 70 सफल होकर वे सीए बन गए। हरलीन कौर कक्कड़ ने 473 अंकों के साथ मेरठ में प्रथम रही। देशभर में नौंवी रैंक पाई है। राघव अरोड़ा 388 अंकों के साथ मेरठ में द्वितीय, अनंत जैन 362 अंकों से तृतीय, आदित्य वत्स ने 354 अंक लेकर चाैथे, वर्तिका गुप्ता 335 अंकों से पांचवें स्थान पर रहीं।
सीए फाउंडेशन में सौम्या प्रथम, रितिका द्वितीय
मेरठ ब्रांच के सिकासा सदस्य सीए धीरज बिथ्थर एवं कार्यकारी सदस्य सीए आशीष अनेजा के अनुसार सीए फाउंडेशन में मेरठ से चार सौ छात्रों ने प्रवेश परीक्षा दी और 53 पास हुए। मेरठ में सौम्या ने चार सौ अंकों में से 336 अंक पाते हुए प्रथम, रितिका ने 308 अंक पाकर द्वितीय और क्षितिज ने 290 अंक पाकर तृतीय स्थान हासिल किया।
वैभव मारवाह ने मां की मेहनत से सीए फाइनल में पाई सफलता
पल्लवपुरम फेज-वन निवासी वैभव मारवाह ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) फाइनल परीक्षा परिणाम में शानदार सफलता प्राप्त कर शहर का नाम रोशन किया है। ग्रुप-वन में फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में 53 और एडवांस्ड फाइनेंशियल मैनेजमेंट में 63 अंक सहित कुल 156 अंक हासिल कर वैभव ने यह मुकाम पाया। यह उपलब्धि उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। वैभव के सिर से कम उम्र में ही पिता का साया उठ गया था। मां नेपरिवार की जिम्मेदारी संभाली।