कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, असम प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत
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कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, असम प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस हार के कारणों की समीक्षा कर रही है। पार्टी को बूथ लेबल से लेकर उसके अनुसांगिक संगठनों एनएसयूआई और युवक कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। पार्टी अगले विधानसभा चुनावों से पहले हर घर तक पहुंच बनाने का काम करेगी।
दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से देहरादून लौटते वक्त कसबे में उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ कल्याण निगम के पूर्व निदेशक मो. मुजतबा के यहां रुके हरीश रावत ने कहा कि कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरूरत नहीं है।
बताया कि वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफे की बात रखी थी, लेकिन सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया। पार्टी राहुल के नेतृत्व में फिर से मजबूती के साथ खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता साहस बिल्कुल भी न छोड़े, वे हिम्मत के साथ जनता के बीच रह कर उनके दुख सुख में भागेदारी करें।
उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस का वोट बैंक आठ से नौ प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर संसद तक उनकी पार्टी लोकतांत्रिक विपक्ष के रूप में संघर्ष करेगी। केंद्र सरकार के सामने बेरोजगारी और आंतरिक सुरक्षा बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में उत्तराखंड सहित दूसरे राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव के लिए अभी से रणनीति बना कर काम किया जाएगा। ताकि पार्टी को इन राज्यों में सत्ता में लाया जा सके।
इस दौरान पूर्व राज्य मंत्री सुशील राठी, एआईसीसी के संयुक्त सचिव हरीपाल रावत, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव फरमान मलिक, राज सिंह साध, घाड़ विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष प्रधान नासिर अली, अब्दुल हसीब, पद्म सिंह, चौ बबलू, चौ मनोज, सुमित रावत, प्रवेज मलिक, दानिश मलिक आदि मौजूद रहे।