पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के सिर पर भले ही 50 हजार का इनाम था, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। दिल्ली में आलीशान कोठी में परिवार सहित फरारी काट रहे थे। किसी तरह मेरठ पुलिस उनके पास तक पहुंची, लेकिन उनके रुतबे के सामने कमजोर दिखती रही। दिल्ली से मेरठ जिला कारागार की सलाखों तक याकूब को वीआईपी सुविधा दी और पुलिसकर्मी उनके साथ सेल्फी लेते रहे।
राजनीति के तहत फंसाया... कानून पर भरोसा
पुलिस के मुताबिक, याकूब ने जेल जाने के दौरान कहा कि 2019 का लोकसभा का चुनाव लड़ना महंगा पड़ा है। राजनीति के तहत मुझे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया है। मीट फैक्टरी में मुझे गए कई महीने हो गए थे। अब मेरा फैक्टरी से कोई लेना देना नहीं है। मेरी पत्नी को भी नामजद कराया है। कुछ लोग हमारे परिवार के पीछे पड़े हैं। छह महीने तक मेरी अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई है। मेरा काफी नुकसान हो गया है। मुझे कानून पर भरोसा है, न्याय जरूर मिलेगा।
इमरान पहली बार जेल गया
याकूब का पुलिस और जेल से पुराना नाता है। करीब 20 साल पहले याकूब कुरैशी व पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बीच नगर निगम में ठेकेदारी को लेकर विवाद हुआ था। गोलीबारी में एक युवक की हत्या भी हुई थी। जिसमें याकूब जेल गए थे। हालांकि बाद में याकूब को क्लीनचिट मिल गई थी। लेकिन इमरान पहली बार ही जेल में गया है।