उधार दिए एक लाख रुपये वापस नहीं देने पर दो दोस्तों ने रविवार को महल गांव के दीपक (31) का अपहरण कर लिया। जहर खिलाने के बाद जमकर पिटाई की। दीपक को नलकूप पर फेंककर आरोपी फरार हो गए। दीपक को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई।
लावड़ क्षेत्र के महल गांव निवासी दीपक पुत्र बाबू मेरठ स्थित एक फाइनेंस कंपनी में कार्य करता था। दीपक ने अपने दो सहकर्मियों से एक लाख रुपये उधार लिए थे। दोनों दीपक के दोस्त बन गए थे। दीपक के चाचा अजित ने बताया कि सहकर्मी लगातार दीपक पर रुपये लौटाने के लिए तकादा कर रहे थे। दीपक को फोन कर धमकी रहे थे। इसके चलते पिता बाबू ने कुछ दिन पहले फाइनेंस कंपनी पहुंचकर युवकों से 15 दिन का समय मांगा। इस दौरान दीपक ने वहां से नौकरी छोड़ दी।
आरोप है कि 15 दिन का समय पूरा भी नहीं हुआ और आरोपी फिर से तकादा कर दीपक को परेशान करने लगे। रविवार दोपहर तीन बजे आरोपी दीपक के घर पहुंचे और उसे कार में अगवा कर ले गए। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने नलकूप पर ले जाकर हत्या के इरादे से जहर खिला दिया। चार बजे करीब परिजन दीपक को ढूंढते हुए नलकूप पर पहुंचे तो वह बेसुध हालत में पड़ा था। उसे गांव के चिकित्सक को दिखाया, तो उसने मेरठ ले जाने को कह दिया। दीपक को निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बेसुध हालत में पीटा, बाइक भी छीनकर ले गए
परिजन का आरोप है कि दीपक को बेसुध हालत में गांव के चिकित्सक के पास ले जाया गया। दीपक की बाइक उसके दोस्ते लेकर पहुंचे। तभी आरोपी वहां आ धमके और दीपक पर नाटक करने का आरोप लगाकर पीटने लगे। परिजन ने विरोध किया तो आरोपी दीपक की बाइक उसके दोस्तों से छीनकर ले गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक कर रही है। दीपक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपक की दो साल की बेटी श्रृष्टि और नौ माह का बेटा है। सोमवार दोपहर शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो चीखपुकार मच गई। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।