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चोरी-लूट की गाड़ियां काटने में माहिर सोतीगंज के 36 कबाड़ी बनेंगे 'गुंडा'

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सोतीगंज के 36 कबाड़ियों पर गुंडा एक्ट लगेगा
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मेरठ। चोरी और लूट के वाहन काटने वाले सोतीगंज के 36 और कबाड़ियों पर गुंडा एक्ट लगाया जाएगा। एसएसपी ने इनकी सूची तैयार कर ली है। पुलिस का दावा कि सोतीगंज के कबाड़ी दूसरे जिलों में चोरी के वाहन काट रहे हैं। उनका पूरा लेखा-जोखा मेरठ पुलिस ने जुटाना शुरू कर दिया है।
सोतीगंज बाजार बंद होने के बाद से कबाड़ियों ने अपना नेटवर्क और बढ़ा लिया है। कबाड़ी गाड़ियां काटने के साथ वाहन चोरी करने वाले गिरोह के साथ भी मिल गए हैं। सिविल लाइन पुलिस ने ऐसे ही गिरोह का खुलासा किया है। इसमें पता चला कि सोतीगंज के कबाड़ी अब मेरठ के अलावा सहारनपुर, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर सहित अन्य जिलों में वाहन कटवा रहे हैं।
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एसपी क्राइम अनित कुमार के मुताबिक नए नेटवर्क से जुड़े सोतीगंज के 36 कबाड़ियों के नाम सामने आए हैं। इनका आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस स्पेशल 75 को लगाकर जुटाया गया है। इन कबाड़ियों पर पहले गुंडा एक्ट की कार्रवाई होगी, फिर गैंगस्टर 14 (1) तहत संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
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यूनुस और सलमान को जेल भेजा, फरार कबाड़ियों की तलाश
मुजफ्फरनगर में गाड़ियां कटवाने में लिप्त सोतीगंज के कबाड़ी हिस्ट्रीशीटर यूनुस व सलमान उर्फ शेरू को सिविल लाइन थाना पुलिस ने शुक्रवार कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से उनको जेल भेजा दिया गया है। वही इस गैंग से जुड़े पांच कबाड़ी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश देने में लगी हुई है। पुलिस का कहना कि जेल गए दोनों शातिर कबाड़ी है। जिनको पुलिस रिमांड पर भी लिया जाएगा।
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माफिया बनाया जाएगा हिस्ट्रीशीटर यूनुस
- हिस्ट्रीशीटर यूनुस को माफिया बनाने की भी तैयारी चल रही है। पुलिस के मुताबिक यूनुस कई साल इस अवैध कारोबार में सक्रिय रहा। उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस ने उसकी संपति का भी पता लगा लिया है। पुलिस का कहना है कि मेरठ के अलावा दिल्ली और दूसरे राज्यों में भी यूनुस की संपति बताई गई है।
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कबाड़ियों को चुनाव का इंतजार
मेरठ। सोतीगंज के कबाड़ियों ने भले ही नए व्यापार करने के बोर्ड और फ्लैक्स अपने गोदाम के बाहर लगा लिए हो, लेकिन अभी तक उन्होंने नया काम शुरू नहीं किया है। पता लगा है कि कबाड़ी चुनाव पूरा होने का इंतजार कर रहे है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार में बदलाव हुआ तो वह पुराने धंधे में सक्रिय हो सकेंगे। कबाड़ियों ने एक महीने का समय मांगा था। जिसमें उन्होंने अपने गोदाम साफ कर पुताई कराकर नया काम शुरू करने की बात पुलिस से कही थी। एक महीने से ज्यादा का समय बीत गया है। दुकान से कबाड़ भी साफ हो गया है, इसके बावजूद नया काम शुरू नहीं कर रहे है। पुलिस ने अपने मुखबिर भी छोड़ दिए है कि कहीं दूसरी जगह तो इस काम में कबाड़ी लिप्त नहीं है। इंस्पेक्टर सदर बाजार लालकुर्ती देव सिंह रावत ने बताया कि सभी कबाड़ियों ने अपने काम बदलने के बोर्ड तो बनवाकर लगा लिए हैं। अभी नया काम शुरू नहीं किया है। कुछ समय बाद काम करने की बात कही है।
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