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गुदड़ी बाजार तिहरा हत्याकांड :इजलाल ने एक साल तो शीबा ने 14 वर्ष बाद उसी जेल में बिताई रात, बढ़ाई गई निगरानी

Sat, 03 Aug 2024 03:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आरोपी शीबा और इजलाल कुरैशी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में तिहरे हत्याकांड में दोषी करार दिए गए इजलाल कुरैशी ने एक साल बाद तो शीबा सिराेही ने 14 साल बाद फिर उसी जेल में रात बिताई। इजलाल को पिछले साल 14 साल जेल में बिताने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। वहीं, शीबा सिरोही हत्याकांड में उकसाने की आरोपी बनने के बाद जेल गई तो उसकी जमानत दो महीने में हो गई थी। पहले दिन किसी भी आरोपी से जेल में किसी की मुलाकात नहीं हुई।

इजलाल और उसके साथियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, फैसला सुनाते वक्त अदालत से गैर हाजिर रहे मन्नू उर्फ देवेंद्र आहुजा को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम एकाग्रता सिंह की अदालत में पेश किया जहां से न्यायालय ने कस्टडी में लेते हुए जेल भेजने के आदेश दिए।
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कोर्ट लाए गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
कोतवाली के गुदड़ी बाजार में कत्ल किए गए सुनील ढाका, सुधीर उज्ज्वल और पुनीत गिरी के मुकदमे में अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला की कोर्ट ने इजलाल और शीबा समेत 10 आरोपी दोषी करार दिए हैं। इन सभी को पांच अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
 
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कोर्ट लाए गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
16 साल पहले गुदड़ी बाजार में हुए हत्याकांड के मामले में उकसाने की आरोपी बनी शीबा सिरोही को जेल जाने के दो महीने के भीतर जमानत मिल गई थी। इस मामले में शीबा हाईकोर्ट से स्टे आर्डर ले आई थी। शीबा के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। इस मुकदमे में अदालत ने उसे हत्या के लिए उकसाने का आरोपी दोषी करार दिया।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार को नौ आरोपियों इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान, बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श और शीबा सिरोही से किसी की भी मुलाकात नहीं हुई है।

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सुधीर उज्ज्वल, सुनील ढाका, पुनीत गिरि - फोटो : अमर उजाला
14 साल जेल में रहा इजलाल
इजलाल कुरैशी अपने भाइयों और साथियों के साथ 14 साल जेल में रहा। जेल में रहते हुए कई बार इजलाल का नाम फर्जी तलबी पर बाहर आने में सामने आया। सन 2013 में इजलाल फर्जी तलबी पर जेल से कोर्ट में पेशी के नाम पर बाहर आया। एक वकील के केबिन में बैठकर उसने पत्नी से मुलाकात की। दूसरे अधिवक्ताओं ने इसकी जानकारी पर हंगामा किया तो पुलिस उसे दौड़ाकर ले गई।
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मुख्य आरोपी इजलाल - फोटो : अमर उजाला
इस मामले की जानकारी शासन तक पहुंची जिसके बाद डीआईजी जेल एके पांडा ने जांच बिठाई, डिप्टी जेलर डीके सिंह को सस्पेंड किया गया। जेल में इजलाल के रिश्तेदारों के ट्रैक्टर और जेसीबी से काम कराने की भी जानकारी उजागर हुईं।

ऐसे में इजलाल का जेल में कितना नेटवर्क रहा इसको देखते हुए उसकी और साथियों की निगरानी बढ़ाई जा रही है। वहीं, चालक मन्नू उर्फ देवेंद्र आहुजा गुरुवार को फैसला सुनाए जाने के समय अदालत में नहीं था। अदालत ने उसके गैर जमानती वारंट जारी किए थे। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार दोपहर उसको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब सभी 10 आरोपी जेल में हैं।
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