चलती ट्रेन में दिव्यांग के साथ बलात्कार
चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस में मंगलवार को जीआरपी के एक सिपाही ने तबीयत खराब होने पर तलाकशुदा महिला को दिव्यांग कोच में ले जाकर चलती ट्रेन में उसके साथ दुष्कर्म किया। बिजनौर रेलवे स्टेशन पर सिपाही को उत्तेजित भीड़ ने घेर लिया। सिपाही ने जीआरपी पुलिस चौकी में घुसकर अपनी जान बचाई। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी। आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
महिला का रेलवे पुलिस ने मेडिकल कराया। पीड़िता की तहरीर पर आरोपी सिपाही के खिलाफ रेलवे पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मेरठ जिले के लिसाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला मंगलवार को लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस से लखनऊ से मेरठ आ रही थी। मुरादाबाद से जीआरपी के दो सिपाही कमल शुक्ला व ओम बहादुर ट्रेन में सवार हुए। दोनों को जगाधरी तक जाना था। ट्रेन में महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। सिपाही कमल शुक्ला महिला को दिव्यांग कोच में ले गया। वहां पहले से बैठे व्यक्ति को सिपाही कमल ने चांदपुर रेलवे स्टेशन पर कोच से बाहर भगा दिया और कोच का दरवाजा बंद कर लिया। कोच से निकाले गए युवक को सिपाही पर शक हुआ और हल्दौर रेलवे स्टेशन पर युवक ने दिव्यांग कोच का दरवाजा खटखटाया लेकिन सिपाही ने दरवाजा नहीं खोला। बिजनौर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही युवक ने शोर मचाते हुए भीड़ इकट्ठा कर ली।
दिव्यांग कोच का गेट खुलवाया गया तो सिपाही कमल अर्द्धनग्न अवस्था में मिला। महिला बेहोश थी। भीड़ सिपाही को दबोचकर मारपीट पर उतारू हो गई। सिपाही कमल को रेलवे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पीड़ित महिला को जिला महिला अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां लोगों ने सिपाही पर कार्रवाई को लेकर हंगामा भी किया।