राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने स्वीकार किया कि ग्राम पंचायत चुनाव सबसे ज्यादा संवेदनशील है। उन्होंने मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलाधिकारियों और एसएसपी के साथ पंचायत चुनाव के संबंध में समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम के निर्देश देने की बात पत्रकारों से कही।
मंगलवार को एसके अग्रवाल ने मंडलायुक्त सभागार में मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ ही जिला पुलिस प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने पुलिस प्रशासन की पीठ थपथपाते हुए कहा कि जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत का चुनाव बहुत ही अच्छे तरीके से संपन्न हुआ है।
इसके लिए पुलिस प्रशासन ने मेहनत की है। लेकिन असली परीक्षा ग्राम पंचायत चुनाव में है। मेरठ और सहारनपुर मंडल सांप्रदायिक रुप से संवेदनशील है। जिस कारण चुनाव की संवेदनशीलता और ज्यादा बढ़ जाती है। बैठक में आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी मेरठ आशुतोष कुमार, मेरठ मंडल के आयुक्त आलोक सिन्हा, सहारनपुर के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल सहित सभी जिलों के डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।
ये होगी अतिरिक्त सुरक्षा
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चालीस कंपनी सीपीएमएफ के साथ पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी आदि के साथ ही यूपी पुलिस का 60 से 70 प्रतिशत फोर्स चुनाव सुरक्षा में रहेगा। मतदान से लेकर मतगणना तक की वीडियोग्राफी होगी। अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मतपेटी डबल लॉक में रखने के साथ ही उनकी भी सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी। यदि कोई प्रत्याशी या उसका प्रतिनिधि वहां रहकर मतपेटियों की सुरक्षा को देखना चाहता है तो वह डीएम से स्वीकृति लेकर वहां रह सकता है, उसकी अलग कक्ष में व्यवस्था रहेगी।