उन्होंने कहा कि यूपी और एमपी में धान का अवशेष जलाया जाता है। इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम होती है। अवशेष से खेतों के लिए फर्टिलाइजर तैयार हो सकती है। गोल्ड मेडल लेने वाले छात्र इस पर रिसर्च करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का सपना है 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करना है। ऐसे में सभी विश्वविद्यालय कॉलेज स्कूल एनजीओ और अन्य संस्थान टीबी के बच्चों को गोद लें और उनको पोस्टिक आहार दें, ताकि टीबी पूरी तरीके से खत्म हो जाए।
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जल बचाने और खाना बरबाद न करने का लें प्रण
राज्यपाल ने जल बचाने को लेकर कहा कि अक्सर लोग आधा गिलास पानी पीते हैं आधा फेंक देते हैं ऐसा करना बंद करें। खाना बिल्कुल नहीं फेंके। अभी भी देश में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनको एक समय का खाना नहीं मिलता। मेरठ के बारे में उन्होंने कहा कि आज पूरा मेरठ यह संकल्प ले कि हम पॉलिथीन नहीं लेंगे। मेरठ मंगल पांडे की धरती है। मैं चाहती हूं कि लोग आज से ही इसका मेरठ में पालन करें।
अपने संबोधन के बाद कृषि यूनिवर्सिटी के सभाकक्ष में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक शुरू की। हालांकि इस बैठक के शुरू होते ही पत्रकारों को फोटो करने के बाद समीक्षा बैठक से बाहर निकाल दिया गया।