मेरठ-करनाल हाइवे पर सोमवार को एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पशुओं से भरे तीन कैंटरों को पकड़ लिया। कैंटरों में गोवंश होने के अंदेशे पर चालकों की पिटाई कर दी गई। लेकिन तलाशी के दौरान कैंटरों में भैंस मिलने पर मौके से फरार हो गए। बताया गया कि भैंसों को काटने के लिए ले जाया जा रहा था। लेकिन पुलिस ने तहरीर न मिलने की बात कहकर कैंटर चालकों को छोड़ दिया।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आरिफ, असलम निवासी हापुड़ व सुहेल निवासी सरधना तीन कैंटरों में पशुओं को कटान के लिए ले जा रहे थे। इसकी भनक लगने पर एक हिंदू संगठन के सदस्यों ने कैंटरों को करनाल हाइवे स्थित ड्रीम सिटी कालोनी के सामने रोक लिया।
आरोप है कि संगठन के लोगों गो तस्करी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और तीनों चालकों को सड़क पर ही पीटना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक मौके पर हंगामा होता रहा। बाद में कैंटरों को चेक किया गया तो उसमें भैंस थीं। सूचना पर काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन पुलिस को देखते ही संगठन के लोग मौके से भाग निकले। वहीं चर्चा रही कि पुलिस ने साठगांठ कर कैंटर चालकों को मौके से बिना कार्रवाई किए ही छोड़ दिया। इस संबंध में इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा का कहना है कि कैंटरों में मानक के अनुसार ही पशु भरे हुए थे। किसी प्रकार की कोई क्रूरता नहीं पाई गई थी। संगठन का कोई सदस्य भी तहरीर देने नहीं आया। कैंटर चालकों ने भी कोई तहरीर नहीं दी। कोई पक्ष अगर तहरीर देता तो कार्रवाई जरूर की जाती।