प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में बुधवार को शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सभी धार्मिक अनुष्ठान आचार्य मुकेश शांडिल्य के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुए। मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने श्रद्धालुओं को मां कुष्मांडा की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और ब्रह्मांड की सृजनकर्ता कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है। इस अवसर पर कई पंडित और अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।