सुबह से देर शाम तक रहा चांद दिखने का उल्लास
सरूरपुर/रोहटा। क्षेत्र के गांवों करवाचौथ का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने एकत्र होकर घरों में पूजा-अर्चना की। वहीं, रात में मकानों की छतों पर चांद देखने के लिए काफी चहल-पहल देखी गई। वहीं, कई गांवों में महिलाओं ने देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर सभी की मंगलकामना की। महिलाओं ने व्रत से संबंधित कथा सुनकर बड़े-बुजुर्ग का आशीर्वाद लिया। साथ ही उन्हें उपहार भी दिए। वहीं, व्रत के बाद महिलाओं ने देर रात चांद के दर्शन किए और अपने पति के हाथों जल पीकर व्रत खोला।
कस्बा खिवाई निवासी आशा शर्मा ने बताया कि कई वर्षों से करवा चौथ मनाती आ रही हैं। शुरुआत से लेकर आज तक इस पर्व को लेकर उत्साह बरकरार है। रोहटा के स्कूल की शिक्षिका कविता चौधरी कहती हैं कामकाजी महिलाओं के लिए करवाचौथ मनाना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन करवाचौथ का व्रत लेने के लिए वह छुट्टी लेती हैं। वहीं, मनजीत सांगवान कलंजरी का कहना है कि समय के साथ काफी बदलाव आ गया है। विदेशों रह रही महिलाएं करवाचौथ की कथा सुनने और पूजा करने के लिए ऑनलाइन रहती हैं। शहरी क्षेत्रों में करवाचौथ पर बाजारों की चमक दमक रहती है। वहीं, देहात में सादगी के साथ करवाचौथ का पर्व मनाया गया। सुहागिन महिलाएं शाम होते ही समूह बनाकर चांद निकलने का इंतजार करती रहीं। करनावल, डाहर, रासना, रोहटा, कलंजरी, खिवाई आदि के आसपास के गांवों में महिलाओं ने व्रत रखा। उनका कहना है कि गांव में संस्कृति अब भी कायम है।
पति की लंबी आयु के लिए रखा व्रत
मवाना। करवा चौथ के त्योहार पर महिलाओं ने अपने पति के लिए निर्जला व्रत रखकर उनकी लंबी उम्र की दुआएं कीं। सुबह से ही महिलाएं सजने संवरने में लगी रहीं। प्रीतनगर कॉलोनी में महिलाओं ने सामूहिक रूप से कहानी सुनी। इसके अतिरिक्त नगर में अन्य महिलाओं ने भी एक-दूसरे के यहां जाकर कहानी सुनी और बड़ों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत चांद को अर्घ्य देकर खोला। इस दौरान बाजारों में भीड़ उमड़ी और जमकर खरीदारी की।