क्या है ग्लैंडर की बीमारी
ग्लैंडर बरखेलडेरिया मेलिआई जीवाणु जनित रोग है। घोड़ों के बाद मनुष्यों, स्तनधारी पशुओं में पहुंचता है। यह रोग नोटिफाइएबल है तथा जेनेटिक रोगों की श्रेणी रखा गया। संक्रमण, नाक, मुंह के म्यूकोसल सरफेस और सांस से होता है। मैलिन नाम के टेस्ट से बीमारी को कन्फर्म किया जाता है। घोड़े, खच्चर, गधों के शरीर की गांठों में इंफेक्शन और पस बन जाती है। इससे जानवर उठ नहीं पाता और शरीर में सूजन आ जाता है।
बीमारी से पीड़ित होने पर मौत निश्चित है। इस रोग की जांच राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र हिसार द्वारा की जाती है। यह जानलेवा बीमारी मनुष्यों पर भी प्रभाव डालती है। यह बीमारी घोषित होने पर विभाग द्वारा जिलाधिकारी से अनुमति लेकर रोग ग्रस्त घोड़ी को टीम के द्वारा इंजेक्शन देकर मार दिया जाता है जिसे यूथनेशिया कहा जाता है। प्रभावित पशु पालक को विभाग द्वारा 25 हजार रुपये की धनराशि का मुआवजा भी दिया जाता है। -डा. प्रमोद कुमार सैनी, पशु चिकित्साधिकारी बड़गांव