इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी के मुताबिक किशोरी ने बताया कि उसकी बड़ी बहन अक्सर उसे पीटती थी। 14 नवंबर को भी उसे डांट दिया था। जिसके चलते वह एक पड़ोसी से 500 रुपये उधार लेकर बस से आनंद विहार पहुंची थी। रात भर वह बस अड्डा पर ही रही। अगली सुबह एक संस्था की कार्यकर्ता ने उसे आश्रम में पहुंचाया। जहां उसने अपने माता-पिता की मौत होने की झूठी जानकारी देकर रहना शुरू कर दिया था।
घर नहीं जाऊंगी, नानी के यहां रहूंगी
सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि किशोरी ने अपने माता-पिता के पास जाने से इनकार किया है। वह अपनी नानी के घर जाने की बात कह रही है। पुलिस ने परिजनों को इसकी जानकारी देकर नानी को बुलाया है। किशोरी की बहन पर स्थानीय लोगों ने पहले ही शक जताया था। लेकिन पीड़ित परिजन आपत्ति करते थे। बहन कुछ बता देती तो किशोरी पहले ही बरामद हो जाती।
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