उत्तर प्रदेश के मेरठ पिता की गिरफ्तारी से नाराज एक युवती ने बुधवार को लालकुर्ती थाने पहुंचकर हंगामा किया। युवती का कहना है कि पुलिस ने झूठा आरोप लगाते हुए उसके पिता को गिरफ्तार किया है। काफी देर थाने में नोकझोंक चलती रही। बाद में पुलिस ने दुकान पर कब्जे की नीयत से ताले तोड़ने के आरोप में युवती के पिता का चालान कर दिया।
पुलिस के अनुसार, बेगमब्रिज रोड पर संतोष चौधरी परिवार के साथ रहते हैं। मुख्य मार्ग पर उनकी एक दुकान थी जो उन्होंने दिल्ली निवासी धर्मेंद्र ग्रोवर को किराए पर दी हुई थी। लॉकडाउन के बाद से धर्मेंद्र ने दुकान नहीं खोली। संतोष चौधरी ने किराए के लिए संपर्क किया तो उचित जवाब नहीं मिला। कुछ दिन पहले संतोष ने दुकान अजय सिंघल को बेच दी। अजय ने दुकान पर अपना ताला डालकर कब्जा ले लिया।
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बुधवार को करीब चार महीने बाद धर्मेंद्र ग्रोवर दुकान खोलने पहुंचे तो दूसरा ताला लगा देखा। उन्होंने ताला लगाने पर हंगामा किया। इसी दौरान अजय सिंघल वहां पहुंचे। दोनों में नोकझोंक हुई। अजय ने बताया कि उन्होंने दुकान खरीदी है। दोनों के बीच विवाद बढ़ता चला गया।
आरोप है कि धर्मेंद्र ने दुकान के ताले तोड़ने की कोशिश की। सूचना पर लालकुर्ती थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और धर्मेंद्र ग्रोवर को थाने ले आए। पता चलने पर धर्मेंद्र की बेटी कुछ व्यापारियों के साथ थाने पहुंची।
हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने धर्मेंद्र ग्रोवर का चालान कर दिया। लालकुर्ती पुलिस ने बताया कि अजय सिंघल के पास दुकान के कागज हैं। अगर धर्मेंद्र को आपत्ति थी तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी चाहिए थी। इस तरह दुकान के ताले तोड़ना गैरकानूनी है।