केस नंबर एक : खेकड़ा शहर में 22 सितंबर 2018 को 10 साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना के विरोध में लोगों ने जमकर हंगामा किया था। बच्ची बाजार में सामान लेने गई थी।
एक दुकानदार ने दुकान के अंदर ले जाकर पहले दुष्कर्म किया और उसके बाद हत्या कर शव को बोरे में भरकर फेंक दिया था। घटना के चार दिन बाद आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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केस नंबर दो : छपरौली थाना क्षेत्र एक गांव में 28 जून 2018 को खेत से पिता का खाना देकर लौट रही 10 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी की गई थी। युवक ने दुष्कर्म के बाद गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी थी।
दरिंदे से बचने के लिए बच्ची ने काफी प्रयास किया था। गिर कर बच्ची के सिर में गंभीर चोट भी लगी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के जांघ की हड्डी भी टूटी मिली थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था।
केस नंबर तीन : रमाला थाना क्षेत्र के एक गांव में कक्षा तीन की छात्रा से स्कूल के बाथरूम में तीन छात्रों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस 15 दिनों तक मामले को दबाने में जुटी रही। पीड़ित परिवार पर भी फैसले का दबाव बनाया गया। छात्रा की हालत बिगड़ने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया।
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केस नंबर चार: रमाला थानाक्षेत्र के बूढ़पुर गांव में अनुसूचित जाति की दो चचेरी बहनों ने मनचलों से तंग आकर स्कूल जाना छोड़ दिया। छात्राओं के मुताबिक गांव के ही चार पांच युवक अक्सर स्कूल जाने व आने के दौरान किशोरियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं।
कुछ दिन पूर्व मनचलों ने दोनों बहनों का हाथ पकड़ने का दुस्साहस किया। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि वे इस संबंध में पुलिस से शिकायत कर चुके हैं कि लेकिन पुलिस जानकारी होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठा रही।