ट्रैफिक पुलिस बेगमपुल से तेजगढ़ी तक आटो और ई रिक्शा बंद करने के दावे कर रही है, लेकिन इन्हें बंद कराना इतना आसान नही होगा। ई रिक्शा का रूट प्लान तो फेल हो ही चुका है, गढ़ रोड पर नो टैंपो जोन भी बस कागजों में ही है। सालों पहले बने नो टैंपो जोन में जब ट्रैफिक पुलिस ऑटो और टेंपो को ही बंद नहीं करा सकी है तो ई रिक्शा को किस तरह रोकेगी। इस रोड पर दो हजार से ज्यादा ई रिक्शा और आटो दौड़ रहे हैं। इन्हें बंद कराना ट्रैफिक पुलिस के लिए चुनौती ही है।
शहर में बेगमपुल से तेजगढ़ी चौराहे तक नो टैंपो जोन है। ई रिक्शा वाले तो अभी तक यही माने बैठे हैं कि नो आटो जोन में केवल आटो ही आते हैं, ई रिक्शा नहीं। बीते सप्ताह ही यातायात पुलिस ने साफ किया था कि ई रिक्शा भी इसके दायरे में है। दावा किया गया था कि एक अप्रैल से बेगमपुल से तेजगढ़ी तक चल रहे ई रिक्शाओं को बिल्कुल बंद कर दिया जायेगा। टीएसआई डीडी दीक्षित ने बताया कि नो टेंपो जोन में चल रहे आटो और ई रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई का प्लान तैयार हो चुका है। शुक्रवार से ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। एक अप्रैल से इन्हें इस रुट पर बंद कर दिया जाएगा। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि बेहतर होगा कि आटो, ई रिक्शा वाले खुद अपने रिक्शा यहां से हटा लें।
होमगार्ड ,पीआरडी जवानों से काम चला रहे
मेरठ। जिले में करीब छह लाख छोटे बड़े वाहन हैं इनमें करीब तीन लाख शहर में है। इन्हें कंट्रोल करने को ट्रैफिक पुलिस के पास स्टाफ कम है, लेकिन सुधार के लिए विभाग में संविदा पर 100 होमगार्ड और 85 पीआरडी जवानों को रखा है, लेकिन ये लोग अभी प्रशिक्षित नहीं है। फिलहाल इन्हें अभी काम ही सिखाया जा रहा है।
जिले में छोटे बडे़ कुल वाहन -6 लाख
शहर में वाहनों की संख्या 3 लाख
यातायात पुलिस का स्वीकृत और तैनात स्टाफ
पद स्वीकृत तैनाती
टीआई 2 1
टीएसआई 10 2
एससीपी 38 22
कांस्टेबल 186 123