कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद असम पुलिस अकबर और उसके भाई सलमान को अपने साथ ले गई। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया है कि अकबर बंजारा शातिर अपराधी है। वह गैंग बनाकर गोकशी करा रहा था और फिर गोमांस दूसरे राज्यों में सप्लाई करता था।
मेरठ में अकबर बंजारा को किसका संरक्षण मिला हुआ था, इसकी भी जांच शुरू कर दी है। अकबर बंजारा के गैंग में उसके भाइयों के अलावा कौन-कौन थे, इसकी जांच के लिए थाना पुलिस और एसओजी की टीम लग गई है।
भाजपा नेता का मिला हुआ था संरक्षण
योगी सरकार में अकबर खुलेआम गोमांस की सप्लाई कर रहा था और स्थानीय पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। स्थानीय पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत भी नहीं थे, जबकि वह गोमांस के सप्लाई करने का धंधा लगातार कर रहा था।
बताया जा रहा है कि अकबर और उसके भाईयों को भाजपा के एक नेता का संरक्षण मिला हुआ था। इसके चलते थाना पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती थी। आसाम पुलिस के मेरठ में आने की जानकारी लगने के बाद भाजपा नेता ही उसको अपने पास रखता था। अकबर की गिरफ्तारी के बाद फलावदा में अलग-अलग चर्चा चल रही है।
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फलावदा में चलती थी गुंडागर्दी
फलावदा में अकबर गुंड़ागर्दी चलती थी, इसकी जानकारी होने के बावजूूद पुलिस उसे गिरफ्तार करने से बचती थी। दो साल पहले बिजनौर के पास बंजारा ने 23 करोड़ की जमीन खरीदी थी। पुलिस ने बंजारा की संपत्ति की जानकारी जुटाई है। जिसके बाद उसकी संपत्ति को गैंगस्टर के तहत जब्त करने की तैयारी भी पुलिस ने शुरू कर दी।
अकबर बंजारा की दो कार सीज
फलावदा। गोतस्कर अकबर की दो कारें सीज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाने के बाद थाने में हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। फिलहाल पुलिस उनके फरार साथी संबलहेड़ा निवासी इकबाल की तलाश में दबिश दी जा रही है।
फलावदा पुलिस ने पांच दिन पूर्व एक संदिग्ध 12 टायरा ट्रक के साथ दो लोगों को हिरासत में लिया था। ट्रक में सवार फलावदा निवासी बाबू और पंजाब निवासी रंजीत ने बताया कि अकबर, सलमान और शमीम फरार हो गये थे। बाद में पुलिस ने तीनों भाइयों को गिरफ्तार किया था। अकबर पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अकबर बंजारा को असम पुलिस 18 अप्रैल को कोर्ट में पेश करेगी।