संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के बावजूद गंगा के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से बढ़ोतरी नहीं हुई। पिछले एक सप्ताह से लगातार गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि मंगलवार शाम गंगा का जलस्तर करीब 75 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया।
गंगा का जलस्तर कम होने से बाढ़ का खतरा भले ही फिलहाल टल रहा हो, लेकिन खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। खादर क्षेत्र के लतीफपुर, किशनपुर, भीकुंड, हादीपुर गावड़ी, बस्तोंरा नारंग, दुधली, तारापुर आदि एक दर्जन से अधिक गांवों के जंगलों में अब भी बारिश का पानी भरा हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। लगातार पानी भरा रहने से फसलें गलने लगी हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने लगी है।
क्षेत्र के किसान प्रवीण कुमार, विपिन चौधरी, सुंदर सिंह, आकाश कुमार और चंद्रपाल ने बताया कि इस बार फसलें शुरुआत में अच्छी स्थिति में थीं। गन्ने की फसल में भी अच्छी बढ़वार हो रही थी, लेकिन पिछले करीब एक माह से लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। जलभराव के चलते गन्ने की बढ़वार रुक गई है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में गन्ने के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि इस बार गंगा के उफान और बाढ़ से तो राहत मिली है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। खेतों में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण फसलों के साथ-साथ किसानों की मेहनत और लागत भी प्रभावित हो रही है।
तारापुर में गन्ने की फसल में पानी भरने से सूखी खड़ी फसल स्रोत संवाद